RBI Gold Buying: सोने की कीमतों में रिकॉर्ड रैली देखने को मिल रही. कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही. सेफ-हेवेन डिमांड बढ़ने की वजह से सोने की कीमतों में तेजी है. साथ ही सेंट्रल बैंकों की भी लगातार खरीदारी हो रही है. इसमें भारत का केंद्रीय बैंक भी शामिल है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 2024 में जमकर सोने की खरीदारी की और गोल्ड रिजर्व को बढ़ाया है.
जारी आंकड़ों के मुताबिक आरबीआई ने पिछले साल रिकॉर्ड 72.6 टन गोल्ड की खरीदारी की. यह खरीद 2023 में खरीदी गई रकम से चार गुना ज्यादा है. बता दें कि दिसंबर 2024 तक RBI के पास 876.18 टन का गोल्ड रिजर्व भंडार था, जिसकी कीमत 66.2 अरब डॉलर थी. जबकि पिछले साल गोल्ड रिजर्व 803.58 टन का गोल्ड रिजर्व रहा. इसकी कीमत 48.3 अरब डॉलर आंकी गई थी.
गोल्ड रिजर्व और ग्लोबल कंडीशन
भारत विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) में भरपूर गोल्ड रिजर्व वाले टॉप-10 देशों में शामिल है. चीन, तुर्की या स्विटजरलैंड जैसे अन्य केंद्रीय बैंकों के उलट RBI राजनीतिक कारणों से शायद ही कभी अपने गोल्ड रिजर्व को बेचता है. हाल ही में की गई खरीदारी 2021 के बाद से सबसे ज्यादा है. यह उस रिकॉर्ड के बाद दूसरे स्थान पर है जब RBI ने 2017 में सोना खरीदना शुरू किया था.

गोल्ड खरीदारी पर RBI की स्ट्रैटेजी
रिजर्व बैंक की आक्रामक गोल्ड की खरीदारी की स्ट्रैटेजी का मकसद करेंसी में उतार-चढ़ाव और रिजर्व पुन र्मूल्यांकन प्रभावों से खुद को बचाना है. उदाहरण के लिए अप्रैल और सितंबर 2024 के बीच, मूल्यांकन में बढ़त की वजह से विदेशी मुद्रा भंडार में 56 अरब डॉलरकी ग्रोथ देखने को मिली. हालांकि, सालभर पहले की समान अवधि के दौरान 17.7 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था.
सोना खरीदने की वजह क्या है?
2023 के दौरान सोने की कीमतों में 25% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली. RBI के कुल सोने के स्टॉक के मूल्यांकन में इसी तरह के अंतर से बढ़त की. वैल्यू में इस तेजी के बावजूद RBI ने अपने गोल्ड रिजर्व को बेचकर प्रॉफिटबुकिंग नहीं की है. इन एसेट्स को अपने पास रखने का फैसला आर्थिक अनिश्चितताओं के मैनेजमेंट के लिए एक स्ट्रैटेजिक मूव को दर्शाता है.
ट्रंप की वापसी से बदली स्ट्रैटेजी
डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति चुने जाने के बाद करेंसी मार्केट में अस्थिरता देखने को मिल रही, जिसकी वजह से कई केंद्रीय बैंकों को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ा. नतीजतन, ग्लोबल सेंट्रल बैंकों में नेट सोने की खरीद के मामले में भारत अब केवल पोलैंड और तुर्की से पीछे है. 2023 में आरबीआई ने केवल 18 टन सोना खरीदा था.


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