RBI Gold Reserves: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2024-25 की अपनी बैलेंस शीट जारी कर दी है। ईटी की रिपोर्ट अनुसार, आरबीआई ने इस साल सोने में निवेश बढ़ाया है और सरकार को बड़ी रकम का फायदा भी हुआ है।

सोने की खरीद में तेजी
RBI ने साल 2024-25 में 57.5 टन नया गोल्ड खरीदा है। इस खरीद के बाद आरबीआई का गोल्ड स्टॉक में इजाफा होकर 879.58 टन पहुंच गया है। हालांकि, पिछले साल के आंकडों पर नजर डालें तो ये 822.10 टन था। यानी इस बार सोने की होल्डिंग में करीब 7% की बढ़त देखी गई है। यह दिखाता है कि RBI सोने को एक मजबूत और सुरक्षित रिजर्व एसेट मान रहा है।
बैलेंस शीट में 8.2% की बढ़ोतरी
आरबीआई की इस बार की कुल बैलेंस शीट 76.25 लाख करोड़ रुपए की हो गई है, जो बीते साल के के मुताबिक 8.2 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं, इंकम में 22.8 प्रतिशत का इजाफा हुआ है, जबकि खर्च में सिर्फ 7.76 प्रतिशत की बढ़त हुई है। इससे यह साफ है कि RBI ने न सिर्फ कम खर्च किया बल्कि अपनी कमाई को भी बढ़ाया है।
केंद्र सरकार को मिला बड़ा फायदा
RBI ने इस बार केंद्र सरकार को 2.69 लाख करोड़ रुपए का सरप्लस ट्रांसफर किया है। यह पिछले साल के 2.1 लाख करोड़ रुपए से करीब 27% ज्यादा है। यह रकम सरकार के फाइनेंशियल खर्चों में मदद कर सकती है और फिस्कल डेफिसिट यानी राजकोषीय घाटे को कम करने में सहायक हो सकती है।
हालांकि अगर RBI ने 44,861.7 करोड़ रुपए अपनी contingency फंड में न रखे होते, तो यह सरप्लस और भी ज्यादा 3.13 लाख करोड़ रुपए तक हो सकता था।
गोल्ड रिज़र्व में जबरदस्त उछाल
RBI की बैलेंस शीट के मुताबिक, गोल्ड एसेट्स में 52.09% की बड़ी तेजी आई है। इससे यह साफ होता है कि सोने को अब विदेशी मुद्रा भंडार का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है।
निवेश और रिज़र्व की मजबूती
घरेलू निवेश में 14% की बढ़त हुई है। विदेशी निवेश में भी 1.7% की हल्की बढ़त देखी गई है। RBI की यह रणनीति दिखाती है कि वह न केवल अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत कर रहा है, बल्कि सरकार को भी आर्थिक रूप से सपोर्ट कर रहा है। इससे देश के वित्तीय हालात और रुपये की स्थिरता पर अच्छा असर पड़ सकता है।


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