नई दिल्ली, जुलाई 11। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आज एक बड़ा उठाया है। आज आरबीआई ने देश से आयात और निर्यात का भुगतान रुपये में करने की सुविधा प्रदान कर दी है। आरबीआई के अनुसार यह व्यापार निपटान के लिए एक अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।

आरबीआई ने कहा है कि भारत से निर्यात पर जोर देने के साथ ही वैश्विक व्यापार को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रुपये चालान, भुगतान और आयात व निर्यात के निपटाने के लिए एक अतिरिक्त व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया है।
रूस और यूक्रेन विवाद के बाद से अमेरिका और यूरोपीय संघ के देशों ने मास्को पर प्रतिबंध लगाए हैं। इससे अमेरिका ने डॉलर तक रूस की पहुंच को लगभग काट दिया है। इसने भारतीय कंपनियों को, रूसी वस्तुओं की कम कीमत का लाभ उठाने के लिए, आयात के लिए भुगतान के वैकल्पिक तरीकों पर विचार करने पर मजबूर किया था। इसके बाद आज आरबीआई ने रुपये में भुगतान की सुविधा को शुरू कर दिया है।
आरबीआई की अनुमति जरूरी
आरबीआई ने कहा है कि इस सुविधा का लाभ लेने के लिए विदेशी मुद्रा विभाग से पूर्व-अनुमति लेना जरूरी होगा। आरबीआई के अनुसार भारत से निर्यात बढ़ाने पर जोर और भारतीय रुपये में वैश्विक कारोबारी समुदाय की बढ़ती दिलचस्पी को ध्यान में रखते हुए कदम उठाया गया है। वैश्विक व्यापार को बढ़ाने के लिए यह तय किया गया है कि बिल बनाने, भुगतान और रुपये में आयात/निर्यात के निपटान के लिए एक अतिरिक्त इंतजाम किया जाए।
खोलना होगा वोस्ट्रो अकाउंट
आरबीआई की तरफ से जारी परिपत्र के मुताबिक, ट्रेड सेटलमेंट के लिए संबंधित बैंकों को साझेदार कारोबारी देश के अभिकर्ता बैंक के विशेष रुपया वोस्ट्रो अकाउंट की जरूरत होगी। आरबीआई के अनुसार इस व्यवस्था के जरिए भारतीय आयातकों को विदेशी विक्रेता या आपूर्तिकर्ता से वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति के इनवॉयस या बिल के एवज में भारतीय रुपये में भुगतान करना होगा। इसे उस देश के अभिकर्ता बैंक के खास वोस्ट्रो खाते में जमा किया जाएगा।


Click it and Unblock the Notifications