नई दिल्ली, सितंबर 21। पीएम केयर्स फंड एक बार फिर से चर्चा में है। कोरोना काल में बनाए गए पीएम केयर्स फंड को लेकर एक बड़ी खबर आई है। दरअसल अब इसकी कमान उद्योगपति रतन टाटा को दी गयी है। टाटा को पीएम केयर्स फंड के ट्रस्टियों में से एक के रूप में नामित किया गया है। टाटा संस के चेयरमैन को सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति के टी थॉमस, पूर्व उपाध्यक्ष करिया मुंडा सहित उन प्रतिष्ठित हस्तियों में शामिल किया गया है, जो अब पीएम केयर्स फंड के नये ट्रस्टी होंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने जारी किया बयान
इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ एक बयान जारी किया गया है। इस बयान के अनुसार ट्रस्टियों का पीएम केयर्स फंड का अंग बनने के लिए स्वागत किया गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी पीएम केयर्स फंड के अन्य ट्रस्टियों में शामिल हैं।
ट्रस्टी बोर्ड की बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम केयर्स फंड के ट्रस्ट बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता की। उसके एक दिन बाद हुई यह घोषणा की गयी है। बैठक के दौरान पीएम केयर्स फंड की मदद से की गई विभिन्न पहलों पर एक प्रेजेंटेशन दी गई। उस बैठक में रतन टाटा भी मौजूद रहे।
सलाहकार बोर्ड का गठन
ट्रस्ट ने पीएम केयर्स फंड में सलाहकार बोर्ड के गठन के लिए कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों को नामित करने का भी निर्णय लिया। इन लोगों में राजीव महर्षि (भारत के पूर्व नियंत्रक और महालेखा परीक्षक), सुधा मूर्ति (पूर्व अध्यक्ष, इंफोसिस फाउंडेशन), टीच फॉर इंडिया के सह-संस्थापक और इंडिकॉर्प्स और पीरामल फाउंडेशन के पूर्व सीईओ आनंद शाह शामिल हैं।
मिलेगी नयी दिशा
पीएम मोदी ने कहा कि नए ट्रस्टियों और सलाहकारों की भागीदारी से पीएम केयर्स फंड के कामकाज को व्यापक दृष्टिकोण मिलेगा।
क्या है पीएम केयर्स फंड
भारत में कोविड-19 महामारी आने के बाद, 27 मार्च 2020 को प्रधानमंत्री नागरिक सहायता एंड आपातकालीन स्थिति में राहत कोष (पीएम केयर्स फंड) बनाया गया था। फंड का घोषित उद्देश्य भविष्य में कोरोनावायरस के प्रकोप और इसी तरह की महामारी जैसी स्थितियों से निपटने और रोकथाम और राहत प्रयासों के लिए है। हालांकि फंड के गठन के दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। पर भारत सरकार ने कहा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फंड के अध्यक्ष हैं, और ट्रस्टियों में कई केंद्रीय मंत्री शामिल हैं। इनमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और गृह मंत्री अमित शाह शामिल हैं।
लोगों की तरफ से दान
इस फंड में आम जनता ने भी दान किया। दान की गई कुल राशि और दाताओं के नामों का सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं किया गया है, और फंड का निजी तौर पर ऑडिट किया जाता है। भारत सरकार ने शुरू में दावा किया था कि फंड एक निजी फंड है, और इस बात से इनकार किया कि पीएम केयर्स फंड सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 जैसे पारदर्शिता कानूनों के तहत आने वाला एक सार्वजनिक फंड है, फिर भले ही फंड सरकारी इंफ्रा और भारत सरकार के राष्ट्रीय चिन्ह उपयोग करता हो। फंड को इसकी स्थापना, कामकाज और खातों के संबंध में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा है।
More From GoodReturns

नया मल्टी-एसेट NFO: SIP या एकमुश्त, निवेश से पहले ये 5 बातें जरूर जानें

Sugar Stocks: चीनी की कीमतों में आग, इन 7 शेयरों में इंट्राडे ट्रेडिंग की दमदार रणनीति

EMI और क्रेडिट कार्ड बिल: सोमवार को बैंक अकाउंट में रखें बैलेंस, वरना कटेगा भारी जुर्माना

Tempsens Instruments IPO: आज से खुला निवेश का मौका, जानें प्राइस बैंड और लॉट साइज की पूरी डिटेल

Airtel का बड़ा झटका: अचानक बंद हुए कई लोकप्रिय प्रीपेड प्लान, रिचार्ज से पहले जानें ये जरूरी बात

जियो नेटफ्लिक्स बिलिंग में अचानक बदलाव! कहीं आपका प्लान तो नहीं हुआ डाउनग्रेड? चेक करें तुरंत

₹399 से कम में अनलिमिटेड 5G और OTT का तड़का, Jio, Airtel और Vi के बेस्ट प्लान्स की पूरी सच्चाई

भारत बनाम श्रीलंका मैच: लाइव स्ट्रीमिंग में बफरिंग? ₹22 से शुरू हैं ये बेस्ट डेटा प्लान्स

Kotak Diversified Equity All Cap NFO: आज बंद हो रहा है निवेश का मौका, क्या आपको दांव लगाना चाहिए?

PMFBY खरीफ 2026: आज है रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन, बैंक बंद होने पर भी ऐसे करें आवेदन

Shiprocket Listing Today: शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री! क्या ₹120 के पार खुलेगा भाव?



Click it and Unblock the Notifications