Ratan Tata Successor: टाटा ग्रुप के मानद चेयरमैन और दिग्गज इंडस्ट्रियलिस्ट रतन टाटा अब नहीं रहे. कल देर रात मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली. रतन टाटा, केवल एक उद्योगपति ही नहीं बल्कि परोपकार के कामों में सबसे आगे रहने वाले व्यक्ति, देश के उद्योग जगत के लिए प्रेरणा और मानवता के मिसाल थे.
आज उनकी मौत से देश ही नहीं दुनियाभर में उनके चाहने वाले दुखी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत लगभग सभी जानी मानी हस्तियों ने उन्हें याद करते हुए उनसे जुड़ी यादें साझा की और श्रंद्धांजलि अर्पित की. टाटा ग्रुप का इतिहास देश की आजादी से भी पुराना है.
रतन टाटा का कौन होगा उत्तराधिकारी?
रतन टाटा के निधन के बाद अब उनके उत्तराधिकारी को लेकर तेज चर्चा है. इसमें चार नाम सबसे आगे नजर आ रहे. उनके सौतेले भाई नोएल नवल हैं. टाटा ग्रुप के साथ 40 साल से जुड़े हुए हैं. नोएल टाटा कई टाटा ग्रुप कंपनियों के बोर्ड में शामिल हैं. वे ट्रेंट टाटा इंटरनेशनल लिमिटेड, वोल्टास एंड टाटा इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन के चेयरमैन भी हैं. इसके अलावा टाइटन कंपनी और टाटा स्टील के वॉइस चेयरमैन भी हैं. साथ ही सर रतन टाटा ट्रस्ट और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के बोर्ड में भी ट्रस्टी हैं.

टाटा ग्रुप का सालों पुराना है इतिहास
देश के सबसे पुराने उद्योग घराने की शुरुआत आजादी से बहुत पहले हुई थी. टाटा ग्रुप की शुरुआत एक ट्रेडिंग फर्म के तौर पर साल 1868 में हुआ था. आज टाटा ग्रुप में लिस्टेड और अनलिस्टेड कंपनियों का आंकड़ा करीब 100 है. इस कारोबार देश ही नहीं विदेश की धरती पर भी है. ग्रुप नमक से लेकर लोहा तक बनाती है. इसके प्रोडक्ट्स की पहुंच 150 से ज्यादा देशों तक फैसला हुआ है.


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