Rapido IPO: भारत की मशहूर बाइक सर्विस प्रोवाइडर Rapido अब शेयर बाजार में उतरने वाली है, कंपनी के को-फाउंडर अरविंद सांका (Aravind Sanka) ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि अब कंपनी आईपीओ लाने का प्लान तैयार कर रही है। वहीं, उन्होंने बताया साल 2026 के आखिर में लाएंगे। अरविंद सांका ने कहा इस समय कंपनी का अहम फोकस अपने ग्रोथ को बनाए रखना है और लाभ को मेन्टेन रखना है।

पीटीआई को दी जानकारी में कंपनी के को-फाउंडर अरविंद सांका ने कहा हम फिलहाल मार्केट पर नहीं, बल्कि ग्रोथ पर फोकस कर रहे हैं। पिछले दो सालों में हमने 100 फीसदी सालाना ग्रोथ दर्ज की है और हम आने वाले कुछ सालों तक इसी रफ्तार से आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने जानकारी साझा करते हुए बताया आईपीओ का टाइमलाइन हर तिमाही में कंपनी के परफॉर्मेंस के बेस पर बदल सकती है। वहीं, कंपनी साल 2026 के आखिरी तक बिल्कुल तैयार रहना चाहती है।
कंपनी सेकेंडरी सेल के माध्यम से उन इन्वेस्टरों को बाहर जाने दे रही है जो निकलना चाहते हैं। हालांकि, शुरुआती इन्वेस्टरों को उनके इनवेस्टमेंट पर 10 से 15 गुना तक रिटर्न दिया है।
ऑपरेशनल प्रॉफिट के करीब कंपनी
Rapido ने दावा किया है कि वह इस वित्त वर्ष में ऑपरेशनल प्रॉफिट के बहुत करीब है। अरविंद सांका के मुताबिक, कंपनी अब पैसा नहीं जला रही है (कैश बर्न नहीं कर रही)। उन्होंने कहा "हमारी सबसे बड़ी इन्वेस्टमेंट ब्रांड कैंपेन में होती है, लेकिन अब हमारा बिजनेस मॉडल स्थिर हो चुका है।" पिछले साल कंपनी एक तिमाही में मुनाफे में रही थी और इस बार पूरे साल के लिए प्रॉफिट की उम्मीद है।
Swiggy ने हिस्सेदारी बेची, बढ़ी Rapido की वैल्यू
हाल ही में Swiggy ने Rapido में अपनी 12% हिस्सेदारी लगभग 2400 करोड़ रुपए में बेच दी। इस डील के बाद Rapido की कंपनी वैल्यू 2.3 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई। Swiggy ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि Rapido अब फूड डिलीवरी बिजनेस में भी उतरने की तैयारी में है, जिससे दोनों कंपनियों के बीच कॉम्प्टीशन की स्थिति बन सकती थी।
नए शहरों में विस्तार की योजना
Rapido के शुरुआती निवेशक और Skycatcher LLC के संस्थापक सिया कमाली ने कहा कि कंपनी जल्द ही नई कैटेगरी और नए शहरों में अपनी सर्विस शुरू करने की योजना बना रही है। Rapido का उद्देश्य है कि कम खर्च में बेहतर परिवहन सेवा प्रदान की जा सके ताकि छोटे शहरों के लोग भी आसानी से इसका लाभ उठा सकें।
कंपनी की शुरुआत
Rapido की शुरुआत 2015 में पवन गुन्टुपल्ली, ऋषिकेश एस.आर. और अरविंद सांका ने की थी। आज यह कंपनी भारत में Ola और Uber जैसी दिग्गज कंपनियों को चुनौती दे रही है और छोटे शहरों में अपनी मजबूत पकड़ बना रही है।
Rapido का IPO भारतीय स्टार्टअप सेक्टर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है। लगातार बढ़ती ग्रोथ, मजबूत निवेशक समर्थन और छोटे शहरों में तेजी से विस्तार के चलते कंपनी का भविष्य उज्ज्वल नजर आ रहा है। अगर सब कुछ तय समय पर रहा, तो 2026 के आखिर तक निवेशकों को Rapido के IPO में निवेश करने का मौका मिल सकता है।


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