Rapido Food Delivery Platform: घर से ऑफिस जाने के लिए ज्यादातर लोग बाइक-टैक्सी ऐप सर्विस रेपिडो (Rapido) सर्विस का फायदा उठाते हैं। अब रेपिडो भारत के ऑनलाइन फूड डिलीवरी बाजार में एंट्री लेने जा रहा है।

कंपनी ने NRAI के साथ की पार्टनरशिप
इस कंपनी की एंट्री से मौजूदा ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियां Swiggy और Zomato को कड़ी टक्कर मिल सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Rapido रेस्टोरेंट्स से बेहद कम कमीशन लेकर मार्केट में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने की कोशिश करेगी। कंपनी की इस प्लानिंग से रेस्टोरेंट्स को ज्यादा मुनाफा और ग्राहकों को कम कीमत पर फूड डिलीवरी मिलने की उम्मीद है।
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रेपिडो ने National Restaurant Association of India (NRAI) के साथ पार्टनरशिप कर ली है, जिसके तहत कंपनी ने रेस्टोरेंट्स के साथ कमर्शियल शर्तों पर सहमति जताई है। बता दें कि NRAI देशभर के 5 लाख से ज्यादा रेस्टोरेंट्स का प्रतिनिधित्व करता है।
कब शुरु होगी ये सर्विस?
एनडीटीवी के अनुसार, एक अधिकारी ने मीडिया को बताया, "यह पहल खासतौर पर छोटे रेस्टोरेंट्स के लिए फायदेमंद साबित होगी।" साथ ही बताया गया कि इसका पायलट ट्रायल जून के अंत या जुलाई की शुरुआत में बेंगलुरु में शुरू किया जाएगा।
Rapido के अधिकारियों के मुताबिक, कंपनी रेस्टोरेंट्स से ऑर्डर वैल्यू के हिसाब से सिर्फ 8-15% कमीशन वसूलेगी। यह दरें Swiggy और Zomato के मुकाबले काफी कम हैं, जो आमतौर पर 16-30% तक कमीशन लेते हैं।
आर्डर पर चार्ज कितना लगेगा?
रिपोर्ट्स के अनुसार, Rapido ₹400 से कम के ऑर्डर पर ₹25 और ₹400 से अधिक के ऑर्डर पर ₹50 का फिक्स्ड चार्ज लेगी। इस कम शुल्क मॉडल से रेस्टोरेंट्स को बेहतर मार्जिन और ग्राहकों को सस्ती डिलीवरी मिलने की संभावना है।
इन कंपनियों ने भी रखा था ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेक्टर में कदम
रेपिडो से पहले भी कई ऐप्स ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेक्टर में कदम रखा था। ओला ने साल 2015 में ओला कैफे लॉन्च किया था और इसके बाद साल 2017 में ओला ने फूडपांडा इंडिया (Foodpanda India) को एक्वायर किया लेकिन वह कोशिश सफल नहीं हो पाई।


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