खुलासा : सरकारी Bank में घट रहे कर्मचारी, प्राइवेट में बढ़ रहे

नई दिल्ली, जुलाई 11। अभी तक देश में सरकारी बैंक की नौकरी सबसे अच्छी मानी जाती थी। लेकिन अब समय बदल रहा है। सरकारी बैंक में कर्मचारियों की संख्या घट रही है, और वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट बैंकों में कर्मचारियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसमें सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सरकारी बैंकों में कर्मचारियों की संख्या सैकड़ों में नहीं हजारों में कम हुई है। ऐसे में अगर कोई सरकारी बैंक के साथ जुड़कर अपना कॅरियर बनाने की सोचा रहा है, तो उसके लिए अब मौके कम हो रहे हैं।
आइये जानते हैं कि क्या है हाल।

पहले जानिए कितने कम हुए सरकारी बैंकों में कर्मचारी

पहले जानिए कितने कम हुए सरकारी बैंकों में कर्मचारी

अगर बीते 5 साल के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो सरकारी बैंकों में 50 हजार से ज्यादा कर्मचारी कम हुए हैं। वहीं अगर इसी दौरान में देखा जाए तो प्राइवेट बैंकों में 1.13 लाख कर्मचारी बढ़ गए हैं। यानी जितने कर्मचारी सरकारी बैंकों में कम हुए हैं, उससे दोगुने से भी ज्यादा कर्मचारी निजी क्षेत्र के बैंकों में भर्ती हुए हैं। अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, 2018 में 21 सरकारी बैंकों में कुल 8.44 लाख कर्मचारी थे, जो 2022 में कम होकर 7.94 लाख बचे हैं। साल 2018 में 21 प्राइवेट बैंकों में 4.20 लाख कर्मचारी थे, जबकि 2021 में इनकी संख्या बढ़कर 5.34 लाख हो गई है।

जानिए सबसे ज्यादा किस सरकारी बैंक में कम हुए हैं कर्मचारी

जानिए सबसे ज्यादा किस सरकारी बैंक में कम हुए हैं कर्मचारी

बीते 5 साल में देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में सबसे ज्यादा 19,791 कर्मचारी कम हुए हैं। इनकी संख्या 2.64 लाख से कम होकर 2.44 लाख बची है।

जानिए किस प्राइवेट बैंक में सबसे ज्यादा बढ़े कर्मचारी

जानिए किस प्राइवेट बैंक में सबसे ज्यादा बढ़े कर्मचारी

अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संगठन की इस रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ प्राइवेट बैंकों ने ही 2022 का आंकड़ा उपलब्ध कराया है। इनमें निजी क्षेत्र के सबसे बड़े एचडीएफसी बैंक में कर्मचारियों की संख्या इस दौरान करीब 21 हजार और एक्सिस बैंक में 7.5 हजार बढ़ी है।

जानिए अन्य सरकारी बैंकों का हाल

जानिए अन्य सरकारी बैंकों का हाल

इस रिपोर्ट के अनुसार 2018 में केनरा बैंक में 88,213 कर्मचारी थे। वहीं इन कर्मचारियों की संख्या 2022 में 86,919 बची है। इस प्रकार से इस बैंक में इस दौरान 1,294 कर्मचारी कम हुए हैं।

इस रिपोर्ट के अनुसार 2018 में बैंक ऑफ बड़ौदा में 82,886 कर्मचारी थे। वहीं इन कर्मचारियों की संख्या 2022 में 79,806 बची है। इस प्रकार से इस बैंक में इस दौरान 3,080 कर्मचारी कम हुए हैं।

इस रिपोर्ट के अनुसार 2018 में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 78,202 कर्मचारी थे। वहीं इन कर्मचारियों की संख्या 2022 में 75,201 बची है। इस प्रकार से इस बैंक में इस दौरान 3,001 कर्मचारी कम हुए हैं।

जानिए सरकारी बैंकों में क्यों कम हो रहे हैं कर्मचारी

जानिए सरकारी बैंकों में क्यों कम हो रहे हैं कर्मचारी

जानकारों ने इसकी मुख्य रूप से 3 वजहें बताई हैं। इसमें पहली है बैंक शाखाओं का मर्जर। इसके चलते सरकारी बैंकों की शाखाएं कम हुईं हैं। वहीं दूसरी वजह बैंकों का मर्जर माना जा रहा है। करीब आधा दर्जन बैंकों का मर्जर हुआ है। इससे कई बैंक शाखाएं बंद हुई हैं। शाखाएं कम होने से कर्मचारियों की संख्या भी कम हुई है। इसके अलावा तीसरा कारया आउटसोर्सिंग को बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकारी बैंक अपने खर्च कम करने के लिए आउटसोर्सिंग का सहारा ले रहे हैं। इसके चलते भी कर्मचारियों की संख्या कम हो रही है।

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