Raksha bandhan 2023 : देश में केन्द्र और राज्य सरकार की तरफ से बेटियों के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई जाती है। ये योजनाएं लड़कियों के समाजिक और आर्थिक सुरक्षा पर खास ध्यान देती है। रक्षाबंधन स्पेशल में जानते है ये 5 सरकारी योजनाएं जो बेटियों को सशक्त बनाती है तो फिर आइए जानते है इसके बारे में।

सुकन्या समृद्धि योजना
इस योजना को भारत सरकार द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत शुरू किया गया है। यह योजना छोटी बचत के लिए है। इस योजना में 10 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं का खाता खोल सकते हैं। इसमें वार्षिक मिनिमम 250 रु और अधिकतम 1.5 लाख रु का निवेश कर सकते हैं। जब किसी बालिका की 18 से 21 वर्ष की उम्र के बाद शादी होती है, तो यह खाता मैच्योर हो जाता है।
बालिका समृद्धि योजना
यह योजना वर्ष 1997 में शुरू की गई थी। यह योजना बीपीएल कार्ड धारकों को वित्तीय सहयोग करने के लिए शुरू हुई थी। इस योजना में आवेदन करने के लिए एक शर्त है कि बालिका किसी स्कूल में पढ़ती हो। इसके साथ ही बालिका 15 अगस्त 1997 को या उसके बाद जन्मी हो। इसमें बालिका के जन्म पर 500 रु की आर्थिक मदद भी मिलती है। पहली कक्षा से 10वीं तक की बालिकाओं को 300 रु और 1,000 रु शिक्षा पूरी होने तक वजीफा मिलेगा।
उड़ान योजना
सीबीएससी उड़ान योजना शिक्षा मंत्रालय के तहत चलती है। इसमें बालिकाओं के लिए ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही ऑनलाइन पढ़ने की भी सुविधा उपलब्ध है।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान
वर्ष 2015 में भारत सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू किया था। यह बालिकाओं के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। इसके जरिए से बालिकाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।
राष्ट्रीय योजना
वर्ष 2008 में शिक्षा मंत्रालय ने इस योजना को शुरू की थी। सरकार की इस योजना का उद्देश्य माध्यमिक शिक्षा में एससी/एसटी समुदायों की 14 वर्ष से 18 वर्ष की आयु की बालिकाओं की एडमिशन रेट में सुधार कराना है।
इस योजना में एससी/एसटी समुदायों की वे बालिका जो 8वीं कक्षा पास हों। उनके नाम पर 3 हजार रु की फिक्स्ड डिपॉजिट जमा होती है, इसमें मिलने वाला इंट्रेस्ट एकेडमिक अकाउंट में ही जमा हो जाता है। इसकी अवधि 18 वर्ष तक होती है।


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