नई दिल्ली, अगस्त 27। भारतीय अरबपति निवेशक राकेश झुनझुनवाला का 14 अगस्त को मुंबई में निधन हो गया था। उनकी शेयर बाजार में कामयाबी के कारण उन्हें 'भारत का वॉरेन बफेट' कहा जाता थाय़ उन्होंने शेयर बाजार से पैसा बनाने का एक असाधारण उदाहरण पेश किया था। एक योग्य सीए और एक आयकर अधिकारी के बेटे के रूप में, झुनझुनवाला ने 1985 में शेयर बाजार में प्रवेश किया। उस समय उन्होंने सिर्फ 5000 रु के साथ शुरुआत की थी, जब सेंसेक्स 150 अंक पर था। ये यात्रा जो 5,000 रु से शुरू हुई थी और वह झुनझुनवाला 5.8 बिलियन डॉलर तक ले गये। आज झुनझुनवाला हमारे बीच में नहीं हैं लेकिन उनके निवेश सिद्धांत निवेशकों के बहुत काम आ सकते हैं। यहां हम म्यूचुअल फंड को लेकर उनकी क्या राय थी, वो आपको बताएंगे।
क्या है म्यूचुअल फंड पर राय
मार्च में टाइम्स नेटवर्क इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2021 आयोजित हुआ था। उसमें एक साक्षात्कार के दौरान झुनझुनवाला ने बताया था कि कैसे म्यूचुअल फंड या फंड मैनेजर के माध्यम से निवेश करना एक मैच्योर रवैया है। यानी उन्होंने इसे एक मैच्योर या परिपक्व तरीका बताया था। इसका मतलब है कि झुनझुनवाला निवेश के इस तरीके को बेहतर मानते हैं।
परिपक्व रवैया सुरक्षित रूप से निवेश करना
उनका मानना था कि परिपक्व रवैया सुरक्षित रूप से निवेश करना है। उनके अनुसार लोगों को म्यूचुअल फंड के माध्यम से फंड मैनेजरों को निवेश करने के लिए अपना पैसा देना और उचित रिटर्न की उम्मीद करना है।
नये निवेशकों को सलाह
उनसे उन निवेशकों के बारे में भी पूछा गया था, जो महामारी के दौरान बाजार में आये और शेयर बाजारों में यह मानते हुए आए कि शेयर बाजार तत्काल संतुष्टि का स्थान है यानी यहां फौरन पैसा बन सकता है। इस पर वे बोले थे कि सबसे पहले, मैं उन्हें बताना चाहूंगा, मत भूलो कि यह कोई रेसकोर्स नहीं है। और यह सारा उतार-चढ़ाव जो गेम्स कैप में आता है, जो अमेरिका में आएगा, मुझे लगता है कि यह निवेशकों के लिए बहुत हानिकारक हो सकता है। वे उसमें पैसे खोने जा रहे हैं।
डेब्ट और इक्विटी पर रिटर्न
उन्होंने आगे कहा था कि अगर आपको डेब्ट पर 6 फीसदी रिटर्न मिलता है, तो आपके लक्ष्य को इक्विटी पर 15-24 फीसदी मिलना चाहिए। उन्होंने आगे निवेशकों को किसी भी प्रकार के दैनिक जुए (इंट्राडे ट्रेडिंग) में शामिल न होने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि ऐसे जुए में खुद को शामिल न करें जहां स्टॉक 40 और 50 प्रतिशत प्रतिदिन बढ़ता है। उन्होंने कहा था कि जीवन में सब कुछ मैच्योरिटी को लेकर है।
शेयर बाजार किया राज
राकेश झुनझुनवाला ने कई दशकों तक भारतीय शेयर बाजार पर राज किया। उन्होंने अपनी 5000 रु की संपत्ति को 40,000 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंचाया। वह भारत के 36वें सबसे अमीर व्यक्ति बन गए थे। उनका पहला बड़ा लाभ 1986 में 5 लाख रु था जब उन्होंने टाटा टी के 5,000 शेयर 43 रु में खरीदे और 3 महीने के भीतर यह 143 रु पर कारोबार कर रहा था। उन्होंने टाटा टी के शेयरों को बेचकर 3 गुना से अधिक का लाभ कमाया। फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।
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