नई दिल्ली, जुलाई 13। एक कहावत है कि नौकरी हो तो बस सरकारी, हो भी क्यों न, सरकार अपने कर्मचारियों को तमाम सुविधाएं जो देती है। राजस्थान सरकार ने अपने कर्मचारियों को नया सौगात दिया है। राजस्थान की गहलोत सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के 7 लाख से अधिक कर्मचारियों को बीमा योजना पर बोनस देने का फैसला लिया है। सीएम अशोक गहलोत के ऑफिस ने कर्मचारियों को बोनस देने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने खुद ट्वीट कर यह जानकारी दी। गहलोत ने कहा कि राज्य के कर्मचारियों की बीमा पॉलिसियों पर वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए बोनस देने के प्रस्ताव पर विचार किया गया है। सरकार ने प्रदेश के 7 लाख से अधिक कर्मचारियों के हित के लिए प्रस्ताव के रिपोर्ट को भी मंजूर कर लिया है।
वित्त वर्ष 2019-20 का हुआ है मूल्यांकन
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान सरकार सरकारी कर्मचारी बीमा नियम 1998 के मुताबिक वित्त वर्ष 2019-20 के लिए मूल्यांकन रिपोर्ट के मुताबिक एंडोमेंट पॉलिसी के लिए 90 रुपए प्रति हजार और आजीवन प्लान के लिए 112.5 रुपए प्रति हजार की दर से साधारण रिवर्सनरी बोनस कर्मचारियों को देगी। बीमा पॉलिसियों पर वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए भी इसी दर से बोनस देने की अपील की गई थी। राज्य के कर्मचारियों ने वित्त वर्ष 2018-19 के लिए पॉलिसी पर बोनस देने की अपील की थी। उनके बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है।
सरकार ने पुरानी पेंशन योजना की किया था लागू
गहलोत सरकार ने कर्मचारियों को आगामी वित्त वर्ष के लिए भी कर्मचारियों को 4 रुयए प्रति हजार के दर से बोनस देने की योजना बनाई है। हालही में सीएम अशोक गहलोत ने पुरानी पेंशन योजना लागू करके राज्य के कर्मियों को बड़ी राहत दी थी। राज्य में पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के निर्णय को राज्य और राज्य के बाहर बहुत सराहा गया था। अब राज्य में 2004 के पहले रिटायर हुए कर्मचारियों को भी पेंशन मिलेगा।
सरकार से खुश है कर्मचारी
कोरोना के कारण राज्य के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और बहुत सारे बेनिफिट्स रोक दिए गए थे। पुरानी पेंशन योजना की बहाली और फिर उसके बाद सरकार के बोनस देने की योजना ने कर्मचारियों को राहत दी है। राज्य के कर्मचारी सरकार के इन दोनों कदमो से बेहद खुश हैं।


Click it and Unblock the Notifications