नई दिल्ली, अगस्त 10। खाने के तेल के दामों में कमी आ रही है लेकिन अब दाल के दाम आम आदमी का बजट बिगाड़ने की तैयारी में हैं। बीते कुछ दिनों में अरहर और उरद के दालों की कीमत में 15 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला है। दरअसल इस खरीफ के सीजन में देश के कई ईलाको में भारी बारिश हुई है, बारिश के वजह से जलजमाव के चलते दलहन की बुआई कम हुई है। बोए गए फसलों को भी नुकसान हुआ है। महाराष्ट्र के लातूर जिले में छह हफ्ते में अरहर के दालों की कीमतें 97 रुपये से बढ़कर 115 रुपये प्रति किलो के आसपास जा पहुंचा है।
कृषि मंत्रालय ने जारी किए हैं आकड़े
कृषि मंत्रालय ने खरीफ के फसलों की बुआई के जो आंकड़े जारी किए हैं उसके अनुसार जितने क्षेत्र में टूअर की बुआई की गई है वो पिछले साल के मुकाबले 4.6 फीसदी कम है। इस साल उरद की बुआई भी 2 फीसदी कम क्षेत्र में हुई है। भारी बारिश और जलजमाव के कारण टूअर की बुआई कम हुई है। बारिश ने फसलो को भी नुकसान पहुचाया है। जानकारों का कहना है कि महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात में उरद के फसल को काफी नुकसान पहुंचा है. हालांकि रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में फसले बेहतर स्थिति में है।
धान की बुआई भी हुई है कम
केवल टूअर औक उरद की बुआई में ही नहीं बल्कि कमजोर मानसून होने के चलते इसबार धान की बुआई में भी कमी आई है। हाल ही में मॉनिटरी पॉलिसी के घोषणा के दौरान आरबीआई गर्वनर शक्तिकांत दास ने धान की बुआई में आई कमी पर नजर बनाये रखने की बात कही है। आरबीआई गर्वनर ने अपने बयान में बताया कि इस साल खरीफ की फसलों में धान की बुआई कम हुई है और इस मसले पर बेहद गंभीरता से नजर बनाये रखने की जरुरत है।
बारिश की कमी
बुआई कम होने के कारण इस साल चावल के उत्पादन में कमी आ सकती है। पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश के कमी के कारण धान की बुआई में कमी देखी गई है।


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