कोरोना वायरस के चलते देश में 21 दिनों से लागू लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ा दिया गया है। इस कारण रेलवे ने 3 मई तक के लिए सभी ट्रेनों को रद्द कर दिया है।
नई दिल्ली: कोरोना वायरस के चलते देश में 21 दिनों से लागू लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ा दिया गया है। इस कारण रेलवे ने 3 मई तक के लिए सभी ट्रेनों को रद्द कर दिया है। ऐसे में इंडियन रेलवे ने 94 लाख टिकटों को रद्द करके यात्रियों को उनका पैसा लौटाने का निर्णय लिया है। इससे भारतीय रेलवे को राजस्व में 1,490 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। जानकारी दें कि लॉकडाउन बढ़ने के कारण ये फैसला लिया गया है। रेलवे के शीर्ष अधिकारियों ने बताया कि 22 मार्च से 14 अप्रैल के बीच यात्रा के लिए बुक कराई गई 55 लाख टिकटों के लिए 830 करोड़ रुपये की राशि वापस की जाएगी। रेलवे ने 21 दिन का लॉकडाउन लागू होने से तीन दिन पहले 22 मार्च को अपनी यात्री ट्रेन सेवाओं को व्यापक पैमाने पर स्थगित कर दिया था।
बुक कराए गए टिकटों के पूरे पैसे होंगे वापस
इस बात की भी जानकारी दी गई हैं कि लॉकडाउन को 15 अप्रैल से बढ़ाकर 3 मई तक किए जाने के निर्णय के कारण बुक कराए गए 39 लाख टिकटों के लिए 660 करोड़ रुपये की राशि वापस की जाएगी। भारत में 25 मार्च से 14 अप्रैल तक 21 दिन का लॉकडाउन लगाया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लॉकडाउन तीन मई तक बढ़ाने की घोषणा की। रेलवे ने 15 अप्रैल से यात्रा के लिए बुकिंग की व्यवस्था बंद नहीं की थी। भारतीय रेलवे ने कहा है कि लॉकडाउन की बढ़ी हुई अवधि के दौरान यात्रा के लिए बुक कराए गए टिकटों के पूरे पैसे वापस किए जाएंगे। यह राशि ऑनलाइन बुकिंग कराने वाले यात्रियों के खाते में सीधे भेज दी जाएगी, जबकि आरक्षण काउंटर पर टिकट बुक कराने वाले लोग 31 जुलाई तक पैसे वापस ले सकते हैं।
सुविधा शुल्क की हो रही है कटौती
प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद भारतीय रेलवे ने अपनी सभी यात्री सेवाओं को स्थगित किए जाने की अवधि को लॉकडाउन की समाप्ति तक बढ़ा दिया है। रेलवे ने कहा कि अगले आदेशों तक ई टिकट समेत किसी भी टिकट की एडवांस्ड बुकिंग नहीं की जाएगी। हालांकि सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा कि रेलवे ने टिकट रद्द करने पर पैसा वापस करते समय ऑनलाइन बुकिंग पर सुविधा शुल्क में कटौती की है। रेलवे ने इस संबंध में स्पष्टीकरण देते हुए एक बयान में कहा कि जब ट्रेन रद्द हो जाती है, तो यात्री को पूरा किराया वापस कर दिया जाता है। सुविधा शुल्क वापस नहीं किया जाता है जो एक व्यक्ति के लिए नाममात्र होता है।
प्लेटफॉर्म टिकटों के किराएं में भी बढ़ोतरी
वहीं दूसरी ओर आपको ये भी बता दें कि भारतीय रेलवे ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि कम से कम संख्या में लोग ट्रैवल करें और कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को कम किया जा सके। रेलवे ने कहा है कि कोरोनावायरस के कारण रद्द की गई ट्रेनों के लिए कोई कैंसिलेशन चार्ज नहीं लिया जाएगा। ट्रेन कैंसल होने पर यात्रियों को 100 प्रतिशत रिफंड मिलेगा। वहीं रेलवे के मुताबिक ट्रेनों को यात्रियों के लिए वैकल्पिक ट्रेनों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए रद्द किया जाता है। बता दें कि हाल ही में कोरोना वायरस के चलते रेलवे स्टेशनों पर भीड़ घटाने के लिए देश के कुल 250 रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाले प्लेटफॉर्म टिकट को 10 रुपए से बढ़ाकर 50 रुपए कर दिया है।
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