लॉकडाउन के चौथे चरण के ऐलान के साथ नियमों में लगातार ढील दिए जाने की सिलिसला जारी है। स्पेशल ट्रेन चलाने के बाद रेलवे अब अपनी सेवाओं में विस्तार करने जा रहा है।
नई दिल्ली: लॉकडाउन के चौथे चरण के ऐलान के साथ नियमों में लगातार ढील दिए जाने की सिलिसला जारी है। स्पेशल ट्रेन चलाने के बाद रेलवे अब अपनी सेवाओं में विस्तार करने जा रहा है। लॉकडाउन में फंसे लोगों को उनके घर पहुंचाने के लिए शुरू की गई 15 विशेष ट्रेन में रेल मंत्रालय ने वेटिंग लिस्ट की सुविधा भी देने की घोषणा कर दी है। 22 मई से इन ट्रेनों में वेटिंग टिकट भी जारी किए जाएंगे। अभी इन ट्रेनों में वेटिंग टिकट नहीं मिलता था लेकिन बुधवार रात रेलवे ने नियमों में थोड़ा बदलाव किया है। अब इन स्पेशल ट्रेनों में 22 मई से वेटिंग टिकट मिलेगी। इसकी बुकिंग 15 मई से शुरू होगी। हालांकि जानकारी दें कि वेटिंग लिस्ट का दायरा होगा सीमित होगा, आरएसी की कोई व्यवस्था नहीं है।
आईआरसीटीसी की वेबसाइट से ही होगी बुकिंग
रेल मंत्रालय से जारी सर्कुलर के मुताबिक 22 मई से चलने वाली स्पेशल ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट में बुकिंग का प्रावधान किया है। रेलवे के मुताबिक, AC 3 टियर में 100 वेटिंग लिस्ट बुक होंगे, जबकि एसी 2 टियर में 50 टिकटें वेटिंग लिस्ट कोटे में बुक हो सकेंगी। 200 वेटिंग टिकटें स्लीपर क्लास के लिए रखी गई हैं, जबकि एसी-1 कोच में 20 वेटिंग टिकट दिए जाएंगे। रेलवे की इन तैयारियों से स्पष्ट है कि भारतीय रेल ने स्पेशल ट्रेन के अलावा दूसरी ट्रेनें भी चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। इन ट्रेनों में यात्रा के लिए सिर्फ आईआरसीटीसी की वेबसाइट से 15 मई से बुकिंग की जा सकेगी। यानी कि रेलवे के बुकिंग काउंटर अभी भी बंद ही रहेंगे।
आरएसी टिकट नहीं मिलेगा
रेल मंत्रालय ने सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों के अनुरुप इन ट्रेनों में आरएसी टिकट नहीं देने का फैसला किया है। बता दें कि आरएसी टिकटों में एक पूरी सीट पर दो पैसेंजर सफर करते हैं। जबकि मौजूदा हालत में ये स्थिति कोरोना संक्रमण के लिहाज से घातक हो सकती है, लिहाजा रेलवे ने आरएसी टिकट नहीं जारी करने का फैसला किया है। हालांकि कौन कौन सी ट्रेनें किस तारीख से चलेंगी इसकी लिस्ट अभी सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि बड़े शहरों के अलावा अब रेलवे छोटे शहरों के लिए भी ट्रेन सेवा शुरू कर सकती है।
12 मई से चल रही हैं 15 जोड़ी ट्रेनें
बता दें कि लोगों की समस्याओं को देखते हुए रेलवे 12 मई से 15 जोड़ी ट्रेनें चला रहा है। ये ट्रेनें दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-पटना, दिल्ली रांची जैसे शहरों को जोड़ रही है। इन ट्रेनों के लिए टिकटों की भारी डिमांड है। लॉकडाउन की वजह से देशभर में फंसे लाखों लोग यात्रा न कर पाने से परेशान है, ये लोग अब पैदल ही अपने घर की ओर निकल पड़े हैं। रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक बुधवार तक स्पेशल ट्रेनों में सफर के लिए 2,08,965 लोग अगले सात दिनों की यात्रा के लिए टिकट बुक करवा चुके हैं।
ऐसे में यात्री को मिलेगा पूरा रिफंड
कोविड-19 के लक्षण वाले किसी यात्री को यात्रा की अनुमति नहीं मिलने पर उसके टिकट का पूरा रिफंड दिया जाएगा। गाइडलाइन के मुताबिक, सभी रेल यात्रियों की स्क्रीनिंग किया जाना अनिवार्य है और सिर्फ बिना लक्षण वाले यात्रियों को ही ट्रेन में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। रेलवे बोर्ड के मुताबिक, स्क्रीनिंग के दौरान अगर किसी यात्री को बहुत तेज बुखार है या कोविड-19 के लक्षण दिखते हैं तो उसे कंफर्म टिकट होने के बावजूद यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसी स्थिति में यात्री को पूरा रिफंड दिया जाएगा। जबकि ग्रुप टिकट के मामले में अगर एक यात्री अयोग्य पाया जाता है और टिकट में शामिल अन्य यात्री भी सफर नहीं करना चाहते तो ऐसी स्थिति में सभी यात्रियों को पूरा रिफंड प्रदान किया जाएगा। ऐसे मामलों में टीटीई उन्हें प्रमाणपत्र जारी करेगा जिसमें यात्रा नहीं करने वाले यात्रियों का विवरण दर्ज होगा। इसके बाद आइआरसीटीसी उपभोक्ता के खाते में पूरा रिफंड ट्रांसफर कर देगा।


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