कोरोनावायरस के कारण दुनियाभर में डर का माहौल बना हुआ है। कोरोनावायरस के चलते सभी तरह के बचाव वाले कदम उठाए जा रहे हैं। रेलवे भी इससे बचाने की हर संभव कोशिश कर रही है।
नई दिल्ली: कोरोनावायरस के कारण दुनियाभर में डर का माहौल बना हुआ है। कोरोनावायरस के चलते सभी तरह के बचाव वाले कदम उठाए जा रहे हैं। रेलवे भी इससे बचाने की हर संभव कोशिश कर रही है। ट्रेनों और प्लेटफार्मो पर भीड़ को कम करने के लिए रेल प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। इसी के तहत जहां प्लेटफार्म टिकट के दाम बढ़ा दिए गए। वहीं अब सीनियर सिटीजन को यात्रा किराए में मिलने वाली रियायत को कम कर दिया गया है। रेलवे मरीजों, छात्रों, दिव्यांगों, सीनियर सिटीजन समेत कई तरह के कोटे में टिकट किराए पर कंसेशन देता है। लेकिन अब रियायती टिकटों को 20 मार्च की आधी रात से खत्म किया जा रहा है।
वरिष्ठ नागरिकों का खयाल करके ही रियायती टिकट छूट खत्म की गई
रेलवे ने अपने आदेश में कहा है कि सीनियर सिटीजन कोरोनावायरस के कहर के चलते रेल यात्रा न करें। उनकी सेहत का खयाल करके ही रियायती टिकट न देने का फैसला किया गया है। रेलवे दरअसल ऐसी यात्रा को हतोत्साहित करना चाहता है। देश भर में फैल रहे कोरोनावायरस के खतरे को देखते हुए भारतीय रेल ने 84 जोड़ी ट्रेनों को रद्द कर दिया है। ये ट्रेनें 20 मार्च से 31 मार्च 2020 के बीच निरस्त रहेंगी। मालूम हो कि इस बात का फैसला कल देर रात रेल अधिकारियों ने लिया। रेलवे ने बताया है कि कम यात्रा बुकिंग की वजह से ये ट्रेनें रद्द की गयी हैं। कुल मिलाकर अब तक सभी जोनों में 155 जोड़ी पैसेंजर और अन्य ट्रेनों को रद्द किया जा चुका है। बता दें कि छूट यात्रियों की 12 कैटेगरी के तहत आने वाले लोगों को मिलती है। इसके चलते टिकट पर 100 फीसदी तक छूट दिए जाने यानी मुफ्त में सफर का भी प्रावधान है।
भारतीय रेलवे के मुताबिक ये 12 कैटेगरी इस प्रकार
- दिव्यांग व्यक्ति
- बीमार व्यक्ति- कैंसर के मरीज, थैलेसीमिया, दिल और किडनी के मरीज, हीमोफीलिया पेशेंट्स, टीबी और नॉन इन्फेक्शन वाले कुष्ठ रोग के मरीज, एड्स के मरीज, ऑस्टोमी
- सीनियर सिटीजन
- छात्र
- युवा
- किसान
- अवार्डीज
- वॉर विडो
- आर्टिस्ट व स्पोर्ट्स पर्सन्स
- मेडिकल प्रोफेशनल्स
- अन्य
- Izzat MST धारक
अब इन 12 श्रेणियों में से केवल मरीजों, छात्रों और दिव्यांगजनों को ट्रेन टिकट के किराए पर छूट मिलेगी। सभी रियायतें बेसिक मेल/एक्सप्रेस किरायों पर लागू हैं। नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 3 वित्त वर्षों में रेलवे ने ट्रेन टिकट पर यात्रियों को 7418.44 करोड़ रुपये की रियायत दी है। लेकिन अब इस पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी गई है।
प्लेटफॉर्म टिकट को 10 रुपए से बढ़ाकर 50 रुपए किया गया
भारतीय रेलवे ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि कम से कम संख्या में लोग ट्रैवल करें और कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को कम किया जा सके। रेलवे ने कहा है कि कोरोनावायरस के कारण रद्द की गई 168 ट्रेनों के लिए कोई कैंसिलेशन चार्ज नहीं लिया जाएगा। ट्रेन कैंसल होने पर यात्रियों को 100 प्रतिशत रिफंड मिलेगा। वहीं रेलवे के मुताबिक ट्रेनों को यात्रियों के लिए वैकल्पिक ट्रेनों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए रद्द किया जाता है। बता दें कि हाल ही में कोरोना वायरस के चलते रेलवे स्टेशनों पर भीड़ घटाने के लिए देश के कुल 250 रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाले प्लेटफॉर्म टिकट को 10 रुपए से बढ़ाकर 50 रुपए कर दिया है।
मुबंई की एसी लोकल ट्रेन भी बंद करने का आदेश
इसके साथ ही सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे ने आज यानी 20 मार्च से अगले आदेश तक मुंबई की सभी एसी ट्रेनों को बंद करने का भी फैसला लिया है। बता दें, महाराष्ट्र में कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। यहां अब तक देश में सबसे ज्यादा 39 पॉजिटिव मरीज आ चुके हैं। वहीं स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, भारत में COVID19 के 176 कुल पॉजीटिव मामले पाए गए हैं। दिल्ली, कर्नाटक, पंजाब और महाराष्ट्र में मिलाकर कुल 4 मौतें हुई है।


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