Railway Luggage Rules: भारतीय रेलवे सामान नीति को रेगुलेट करने और स्टेशनों के रेवेन्यू को बढ़ाने के लिए देश भर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बना रहा है। कई मीडिया रिपोर्ट में बताया किया गया था कि रेलवे लगेज लिमिट लगाने वाला है। रिपोर्टों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य सभी रेलवे स्टेशनों पर सामान नीति को रेगुलेट करना है, जैसा कि हवाई अड्डों पर पहले से ही लागू है।

लेकिन केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन सभी खबरों को 'पूरी तरह से फर्जी खबर' बताया है। एक चैनल को दिए इंटरव्यू में अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे में सामान संबंधी नियम दशकों से मौजूद हैं।
केंद्रीय रेल मंत्री ने क्या बताया?
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे में नई सामान भार सीमा और जांच की अफवाहों को खारिज कर दिया है। रिपोर्टों में दावा किया गया था कि रेलवे ने अनुमत भार सीमा का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रवेश और निकास पर सामान की स्कैनिंग के नियम लागू किए हैं। रिपोर्टों में यह भी कहा गया था कि स्टेशनों पर नई इलेक्ट्रॉनिक मशीनें और स्कैनर लगाए जाएंगे, और यात्रियों को सामान की जांच के बाद ही प्लेटफॉर्म पर जाने की अनुमति दी जाएगी।
हालांकि, भारतीय रेलवे ने ऐसा कोई नया नियम नहीं बनाया है। रेल यात्रियों के लिए सामान भार सीमा नियम दशकों से लागू हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक इंटरव्यू में कहा कि किसी ने पहले से मौजूद नियमों को चुनकर उन पर खबरें बना दीं। यह पूरी तरह से फर्जी खबर है। ये नियम दशकों से मौजूद हैं।
आप कितना सामान ले जा सकते हैं?
नियमों के तहत फ्री सामान की सीमा यात्रा की क्लास पर निर्भर करती है।
- फ्सर्ट क्लास एसी- 70 कि.ग्रा.
- सेकेंड क्लास एसी- 50 कि.ग्रा.
- थर्ड क्लास एसी और स्लीपर- 40 कि.ग्रा.
- जनरल क्लास: 30 कि.ग्रा.
इसके अलावा यात्रियों को 10 कि.ग्रा. की अतिरिक्त छूट भी मिलेगी।
भारत में दुनिया का सबसे बड़ा और बिजी रेलवे नेटवर्क है। भारतीय रेलवे प्रतिदिन लाखों यात्रियों के लिए जीवन रेखा का काम करती है।


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