World largest LNG hub: QatarEnergy के CEO Saad al-Kaabi ने बताया कि ईरानी हमलों की वजह से कतर की 17% लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) एक्सपोर्ट क्षमता खत्म हो गई है। रॉयटर के मुताबिक इससे सालाना रेवेन्यू में करीब 20 बिलियन डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है और यूरोप और एशिया को सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है।

Saad al-Kaabi ने कहा कि इन हमलों में कतर की 14 LNG ट्रेनों में से दो और उसकी दो गैस-टू-लिक्विड्स (GTL) सुविधाओं में से एक को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि मरम्मत के काम की वजह से 12.8 मिलियन टन प्रति वर्ष LNG की सप्लाई तीन से पांच साल तक बंद रहेगी।
Kaabi ने एक इंटरव्यू में कहा, "मैंने अपने सबसे बुरे सपनों में भी कभी नहीं सोचा था कि कतर, कतर और यह पूरा इलाका इस तरह के हमले का शिकार होगा, खासकर एक भाईचारे वाले मुस्लिम देश की तरफ से, और वह भी रमजान के महीने में, जो हम पर इस तरह हमला करेगा।"
मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के चलते, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं खड़ी हो गई हैं। फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में, रास लाफान दुनिया की कुल LNG आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा मौजूद कराता है। यूरोप में गैस की कीमतें 35% तक बढ़ गई हैं, और एशिया भी लंबे समय तक चलने वाले आपूर्ति संकट की चपेट में आ सकता है।
भारत पर क्या होगा असर?
भारत अपनी LNG जरूरतों का लगभग 40% हिस्सा कतर से प्राप्त करता है। मध्य-पूर्व में प्रमुख एनर्जी फ्रेमवर्क को हुए नुकसान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "भारत ने पहले भी इस पूरे क्षेत्र में नागरिक ढांचे-जिसमें ऊर्जा ढांचा भी शामिल है-को निशाना न बनाने की अपील की थी।"
उन्होंने आगे कहा, "इसलिए, इस क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में ऊर्जा पर हाल ही में हुए हमले बेहद चिंताजनक हैं, और ये पूरी दुनिया के लिए पहले से ही अनिश्चित ऊर्जा परिदृश्य को और भी ज्यादा अस्थिर करने का ही काम करते हैं।"


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