6 मई, 2025 का दिन दलाल स्ट्रीट के लिए चौथी तिमाही (Q4 FY25) के नतीजों के लिहाज से सबसे व्यस्त दिनों में से एक रहा। पेटीएम, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और पॉलीकैब इंडिया ने एक ही दिन अपने मार्च तिमाही के नतीजे पेश किए, जबकि बजाज ऑटो और श्री सीमेंट ने इसके ठीक बाद के दिनों में अपना रिपोर्ट कार्ड जारी किया। एक के बाद एक आए इन बड़े आंकड़ों ने बाजार का पूरा ध्यान सेक्टर रोटेशन, शेयरों में उतार-चढ़ाव और ऑटो, कंज्यूमर गुड्स, सीमेंट व केबल्स जैसे सेक्टरों में इंट्राडे ट्रेडिंग के नए मौकों की ओर खींच लिया।
Bajaj Auto Q4 FY25 Results: एक्सपोर्ट में दिखी चमक, लेकिन घरेलू मोटरसाइकिल बाजार ने बढ़ाई चिंता
बजाज ऑटो ने Q4 FY25 में अपने कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की, जो 1,801 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, कमर्शियल व्हीकल्स और इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स की बदौलत कंपनी का रेवेन्यू 8.5 प्रतिशत बढ़कर 12,204 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। रेवेन्यू में बढ़त और मुनाफे में गिरावट की यह विरोधाभासी तस्वीर असल कहानी बयां करती है। कंपनी को अपनी सहयोगी कंपनी पियरर बजाज एजी (Pierer Bajaj AG) से 335.18 करोड़ रुपये का घाटा हुआ, जिसमें 600.93 करोड़ रुपये का इंपेयरमेंट (Impairment) शामिल था। इसी एक मद ने कंपनी के कुल मुनाफे पर बड़ा असर डाला।

वित्त वर्ष 2025 में बजाज ऑटो ने पहली बार 50,000 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड रेवेन्यू और 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का EBITDA हासिल किया। चौथी तिमाही में कंपनी का एक्सपोर्ट वॉल्यूम 20 प्रतिशत बढ़ा, जहां बजाज ने प्रमुख बाजारों में इंडस्ट्री की औसत ग्रोथ को पीछे छोड़ दिया। वहीं, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में 'चेतक' ने Q4 FY25 में 25 प्रतिशत मार्केट शेयर हासिल किया। ऑटो सेक्टर पर नजर रखने वाले ट्रेडर्स के लिए ईवी (EV) सेगमेंट में कंपनी की पकड़ और एक्सपोर्ट की रफ्तार लंबी अवधि के लिए सबसे सकारात्मक संकेत हैं।
Paytm Q4 FY25 Results: घाटा हुआ कम, लेकिन ESOP चार्ज ने बिगाड़ा खेल
पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस ने Q4 FY25 के लिए सालाना आधार पर अपना कंसोलिडेटेड घाटा कम किया है। जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी को 540 करोड़ रुपये का घाटा हुआ, जो पिछले साल की समान तिमाही में 550 करोड़ रुपये था। हालांकि, दिसंबर तिमाही (208 करोड़ रुपये) के मुकाबले यह घाटा बढ़ गया। इसकी मुख्य वजह वन-टाइम एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन (ESOP) कॉस्ट रही। फाउंडर और सीईओ विजय शेखर शर्मा द्वारा 21 करोड़ रुपये के स्टॉक ऑप्शंस छोड़ने के बाद 492 करोड़ रुपये का एकमुश्त खर्च दर्ज किया गया। अगर इस असाधारण मद को हटा दें, तो कंपनी का ऑपरेशनल प्रदर्शन काफी बेहतर नजर आता है।
कंपनी का रेवेन्यू तिमाही आधार पर 5 प्रतिशत बढ़कर 1,911 करोड़ रुपये रहा, जिसमें 70 करोड़ रुपये का यूपीआई इंसेंटिव भी शामिल है। ESOP से पहले कंपनी का EBITDA 81 करोड़ रुपये रहा। फाइनेंशियल सर्विसेज से होने वाली कमाई 9 प्रतिशत बढ़कर 545 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जबकि मर्चेंट लोन डिस्ट्रीब्यूशन इस तिमाही में 4,315 करोड़ रुपये रहा। खास बात यह है कि बांटे गए आधे से ज्यादा लोन पुराने ग्राहकों (Repeat Borrowers) को दिए गए, जो बेहतर क्रेडिट क्वालिटी और मैच्योर होते लेंडिंग बिजनेस का संकेत है।
GCPL Q4 FY25 Results: मार्जिन के दबाव के बावजूद वॉल्यूम ग्रोथ ने गोदरेज कंज्यूमर को संभाला
FMCG दिग्गज गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (GCPL) ने Q4 FY25 में 411.9 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया। घरेलू बाजार में वॉल्यूम ग्रोथ ने कंपनी की काफी मदद की। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 1,893.21 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था, जिसकी वजह अफ्रीका बिजनेस में हुआ इंपेयरमेंट था। घाटे से मुनाफे में कंपनी की यह वापसी साफ नजर आ रही है, भले ही मार्जिन का दबाव इस सेक्टर पर नजर रखने वाले ट्रेडर्स के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
GCPL के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ सुधीर सीतापति ने कहा कि बाजार की चुनौतियां बरकरार रहने के बावजूद कंपनी ने Q4 FY25 में बेहतर प्रदर्शन किया है। कंपनी की कंसोलिडेटेड ऑर्गेनिक वॉल्यूम ग्रोथ 6 प्रतिशत रही, जिसमें भारत में 4 प्रतिशत और इंडोनेशिया में 5 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। हालांकि, पाम ऑयल की कीमतों में 50 प्रतिशत से ज्यादा के उछाल ने EBITDA मार्जिन पर बुरा असर डाला। स्टैंडअलोन EBITDA मार्जिन 22.6 प्रतिशत रहा, जो कंपनी के सामान्य स्तर से कम है। FMCG सेक्टर में नई पोजीशन लेने वालों के लिए कच्चे माल (Commodity) की लागत अब भी सबसे बड़ा जोखिम है।
Polycab India Q4 FY25 Results: रिकॉर्ड मुनाफे से शेयरों में आई जोरदार तेजी
पॉलीकैब इंडिया ने Q4 FY25 में 730.3 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 34.3 प्रतिशत की शानदार बढ़त है। पिछली तिमाही के मुकाबले मुनाफे में 59.8 प्रतिशत का बड़ा उछाल आया। कंपनी का रेवेन्यू भी 24.9 प्रतिशत बढ़कर 6,985.8 करोड़ रुपये हो गया। बाजार ने इन नतीजों पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। 6 मई, 2025 को बीएसई (BSE) पर पॉलीकैब का शेयर 4.8 प्रतिशत चढ़कर 6,078 रुपये के हाई पर पहुंच गया, जो दिन के निचले स्तर (5,727.45 रुपये) से 6.1 प्रतिशत की रिकवरी थी। यह इस अर्निंग सीजन की सबसे निर्णायक इंट्राडे चालों में से एक रही।
पॉलीकैब इंडिया ने घरेलू संगठित वायर और केबल इंडस्ट्री में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जो वित्त वर्ष 2024 के 25-26 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 26-27 प्रतिशत हो गई है। कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 35 रुपये प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर के बढ़ते काम को देखते हुए, मीडियम-टर्म निवेश के लिए वायर और केबल सेक्टर मजबूती से फोकस में बना हुआ है।
Shree Cement Q4 FY25 Results: बिक्री तो बढ़ी, लेकिन लागत ने मुनाफे पर मारी चोट
श्री सीमेंट ने Q4 FY25 के लिए अपने नेट प्रॉफिट में 16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की, जो पिछले साल के 662 करोड़ रुपये से घटकर 556 करोड़ रुपये रह गया। मुनाफे में इस कमी की मुख्य वजह कोयले और पेट कोक की बढ़ती कीमतें रहीं। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 3.3 प्रतिशत बढ़कर 5,240 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। मुनाफे में चूक के बावजूद कंपनी का ऑपरेशनल प्रदर्शन मजबूत रहा। कंपनी की कुल भारतीय बिक्री (वॉल्यूम) 13 प्रतिशत बढ़कर 9.84 मिलियन टन रही। वहीं, तिमाही के दौरान EBITDA में 47 प्रतिशत की ग्रोथ दिखी और प्रति टन EBITDA भी 29 प्रतिशत बढ़कर 1,406 रुपये हो गया।
| कंपनी | Q4 FY25 नेट प्रॉफिट | सालाना बदलाव (YoY) | रेवेन्यू |
|---|---|---|---|
| बजाज ऑटो | 1,801 करोड़ रुपये | -10% | 12,204 करोड़ रुपये (+8.5%) |
| पेटीएम (One97) | 540 करोड़ रुपये (घाटा) | सालाना आधार पर घाटा कम हुआ | 1,911 करोड़ रुपये (+5% QoQ) |
| GCPL | 412 करोड़ रुपये | घाटे से मुनाफे में वापसी | 3,598 करोड़ रुपये (+6.3%) |
| पॉलीकैब इंडिया | 730 करोड़ रुपये | +34% | 6,986 करोड़ रुपये (+25%) |
| श्री सीमेंट | 556 करोड़ रुपये | -16% | 5,240 करोड़ रुपये (+3.3%) |
इन पांच बड़े नतीजों से बाजार को जो सबसे साफ संकेत मिला, वह था अलग-अलग सेक्टरों का अलग प्रदर्शन। पॉलीकैब जैसे केबल और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े शेयरों ने नतीजों के दिन निवेशकों को मालामाल किया, जबकि ऑटो और सीमेंट शेयरों में मिले-जुले नतीजों के कारण सावधानी बरतने की जरूरत दिखी। श्री सीमेंट के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 50 रुपये के अंतरिम डिविडेंड के अलावा 60 रुपये प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। ट्रेडर्स के लिए इस अर्निंग सीजन ने यह साफ कर दिया कि नए वित्तीय वर्ष में केवल सेक्टर के भरोसे रहने के बजाय, शेयरों पर बारीकी से रिसर्च करना ही मुनाफे का असली मंत्र है।


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