Putin India Visit Schedule; India Russia Deal: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार (4 दिसंबर) को शाम करीब 6 बजे दो दिवसीय भारत यात्रा पर दिल्ली पहुंच रहे हैं। उनके दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत-रूस सामरिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना है, विशेषकर ऐसे समय में जब भारत के अमेरिका संग संबंधों में तनाव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके सम्मान में एक निजी रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे।
शुक्रवार को प्रस्तावित शिखर वार्ता में रक्षा सहयोग बढ़ाने, द्विपक्षीय व्यापार को बाहरी दबावों से सुरक्षित रखने और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों में संभावित सहयोग पर खास ध्यान दिया जाएगा। इस महत्वपूर्ण बैठक पर पश्चिमी देशों की गहरी निगाहें रहेंगी।

पुतिन के भारत दौरे का कार्यक्रम
- पुतिन का शुक्रवार सुबह सवा 9 बजे राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत होगा, जिसके बाद वे राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे।
- हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच 23वीं वार्षिक शिखर वार्ता आयोजित होगी, जिसमें रूसी कच्चे तेल की खरीद से उत्पन्न व्यापार घाटे पर भी चर्चा की संभावना है।
- वार्ता के बाद, पुतिन रूस के सरकारी प्रसारक के 'भारत' चैनल का शुभारंभ करेंगे।
- शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उनके सम्मान में राजकीय भोज देंगी। लगभग 30 घंटे की इस भारत यात्रा के बाद, राष्ट्रपति पुतिन शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे रूस के लिए रवाना हो जाएंगे।
पुतिन की सुरक्षा-व्यवस्था
राष्ट्रपति पुतिन की सुरक्षा के लिए दिल्ली में पांच-स्तरीय व्यवस्था की गई है, जो आगमन के साथ ही सक्रिय हो जाएगी। उनके मार्गों पर ड्रोन, जैमर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉनिटरिंग व स्नाइपर तैनात रहेंगे। फेस रिकॉग्निशन कैमरों से कंट्रोल रूम से निरंतर निगरानी होगी।
पुतिन जिस होटल में ठहरेंगे, उसकी सुरक्षा बेहद सख्त रहेगी। उनकी अत्यधिक सुरक्षित और गोपनीय कार 'ऑरस सेनात' भी भारत पहुंच रही है। पीएम मोदी और पुतिन के साथ होने पर ही एसपीजी सुरक्षा के पहले घेरे में शामिल होगी।
शिखर वार्ता में एस-400 समेत किन मुद्दों पर चर्चा संभव
पीएम मोदी और पुतिन के बीच शुक्रवार (5 दिसंबर 2025) सुबह 11 बजे हैदराबाद हाउस में 23 वीं भारत-रूस शिखर बैठक होगी। इस शिखर वार्ता में रक्षा संबंधों की गहन समीक्षा होगी, जिसमें एस-400 की नई खेप तथा संभावित एस-500 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की खरीद पर विचार। सुखोई-57 फाइटर जेट की आपूर्ति, सुखोई-30 लड़ाकू विमानों का आधुनिकीकरण और अन्य सैन्य उपकरणों की खरीद पर भी चर्चा संभव है।
व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने हेतु अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता खत्म कर स्थानीय मुद्राओं में व्यापार प्रणाली तैयार करने पर विचार होगा। रूस में भारतीय वस्तुओं का निर्यात बढ़ाने और 10 लाख भारतीय कुशल पेशेवरों हेतु श्रम गतिशीलता समझौते पर भी चर्चा संभव है।
ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन और शिक्षा जैसे अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी कई नए समझौतों या पुराने सौदों का नवीनीकरण यात्रा के एजेंडे में शामिल है।
भारत-रूस के बीच होने वाले डील्स
1. 2030 इकोनॉमिक कोऑपरेशन प्रोग्राम
2. सेक्टोरल एग्रीमेंट्स (ट्रेड, एनर्जी, एग्रीकल्चर, हेल्थ, मीडिया आदि)
3. SU-57 स्टेल्थ फाइटर जेट डील
4. एनर्जी कॉर्पोरेशन डील- मॉड्यूलर रिएक्टर
5. ऑयल सेक्टर
6. सिक्योरिटी कॉर्पोरेशन डील
7. RELOS लॉजिस्टिक सपोर्ट डिफेंस समझौता
8. ब्रह्मोस मिसाइल अपग्रेड


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