
Punjab government started action against adulterants: पंजाब सरकार ने राज्य में मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के दिशा-निर्देशों पर मुख्य सचिव विजय कुमार जंजूआ ने सम्बन्धित पक्षों को सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव ने यह बात आज पंजाब सिवल सचिवालय चंडीगढ़ में सुरक्षित भोजन और सेहतमंद खुराक संबंधी राज्य स्तरीय सलाहकार कमेटी की तीसरी मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए कही।
श्री जंजूआ ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सख्त हिदायत दी है कि गुणवत्ता और लोगों की सेहत के साथ कोई समझौता न किया जाए। वहीं मिलावटखोरों के खिलाफ कार्यवाही की जाए। इसके अलावा मिलावटखोरी रोकने के लिए जागरूकता के साथ चैकिंग, लैब टेस्टिंग आदि कारगर कदम भी उठाए जाएं, क्योंकि यह लोगों की सेहत से जुड़ा मामला है।
सब्जियों और फलों को गैर कुदरती तरीकों के साथ पकाने के मामलों को गंभीरता के साथ लेते हुये मुख्य सचिव ने कहा कि इस व्यवहार को रोकने के लिए चैकिंग की जाए। फूड सेफ्टी मोबाइल वाहनों और टेस्टिंग वाली लैब को बढ़ाया जाए।
शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि सुबह की प्राथना सभाओं में विद्यार्थियों को मिलावटखोरी के विरोध में जागरूक बच्चों को जागरूक करें। खाने-पीने वाले पदार्थों की बिक्री के लिए लाइसेंसिंग और रजिस्ट्रेशन को जरूरी बनाया जाए।

श्री जंजूआ ने खाद्य एवं ड्रग प्रबंधन के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने पर जोर देते हुए स्टाफ की भर्ती, निगरानी टीमों के लिए वाहनों की व्यवस्था और राज्यभर में और नई लैब स्थापित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि चैकिंग टीमों की तरफ से दूध से तैयार होने वाले उत्पादों जैसे कि मक्खन, पनीर और देसी घी की मिलावट करने वालों पर सख्ती की जाए।
मीटिंग में अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास राज़ी पी. श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा जसप्रीत तलवार, प्रमुख सचिव कृषि सुमेर सिंह गुर्जर, सचिव पंजाब मंडी बोर्ड अमृत कौर गिल, ए. एम. डी. पनग्रेन परमपाल कौर, डायरेक्टर लैब रवनीत कौर और ज्वाइंट कमिशनर खाद्य मनोज खोसला भी उपस्थित थे।


Click it and Unblock the Notifications