
Punjab: राज्य के मुख्य मंत्री भगवंत मान ने पंजाब के भूमि रिकॉर्ड को ऑनलाइन लाने का निर्णय किया है। सीएम मान ने इस संबंध में तहसीलों में सुधार के लिए विभाग के संबंधित अधिकारियों से मीटिंग भी की है।
सीएम मान की तरफ से कहा गया है कि तहसीलों की जो कार्य करने की भाषा होगी। वह भाषा सरल पंजाबी में होगी। जिससे नागरिकों को रिकॉर्ड को न तो पढ़ने में दिक्कत का सामना करना पड़ेगा और न ही लिखने में दिक्कत का सामना करना पड़ेगा।
सरकार द्वारा पूरे प्रदेश के भूमि रिकॉर्ड को ऑनलाइन लाने में कुछ चुनौती अवश्य सामने आ सकती है। क्योंकि कई सारी जगह है। जहां भूमि पर सरकारी रिकॉर्ड में नाम किसी और का है और भूमि पर कब्जा किसी और का है।
पंजाब में कई सारे सयुक्त परिवार है। जिन परिवारों ने भी जमीन को अपने-अपने व्यतिगत नाम पर नहीं करवाया है।
राज्य में कई सारी जगह है। जहां पर कृषि भूमि का बंटवारा परिवार की आपसी सहमति से पीढ़ी-दर-पीढ़ी फैमिली की आपसी सहमति से चलता आ रहा है, लेकिन अभी तक सरकारी रिकॉर्ड में जमीन एक पीढ़ी से अगली पीढ़ी के वारिस के नाम पर नहीं हुई है।
यही वजह है कि मुख्य मंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार को पूरे प्रदेश के भूमि के रिकॉर्ड को ऑनलाइन लाने में वक्त लग सकता हैं और इस कार्य को करने के लिए कितना वक्त लगेगा यह भी अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है।
बीतें दिनों पंजाब के मुख्य मंत्री भगवंत मान ने दिड़बा तहसील का नींव पत्थर रखा। इस दौरान उनके साथ वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा व अन्य मंत्री भी मौजूद रहे।
राज्य में मान सरकार नई तहसील बनाने में अपना ध्यान केंद्रित कर रही है। ताकि इससे आम नागरिकों की दूर दराज जाने की परेशानी को दूर दिया जा सकें।


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