नई दिल्ली, दिसंबर 31। जीएसटी काउंसिल की आज हुई बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। जीएसटी काउंसिल के सामने कपड़ों पर टैक्स को 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करने का प्रस्ताव था, जिसे अभी टाल दिया गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आज हुई इस जीएसटी काउंसिल की बैठक में फिलहाल यह प्रस्ताव टाल दिया गया है। इससे आमलोगों को काफी राहत मिलेगी। अब कल से कपड़ा महंगा नहीं होगा। इस बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए हिमाचल प्रदेश के इंडस्ट्री मंत्री बिक्रम सिंह ने बताया है कि फरवरी में होने वाली काउंसिल की बैठक में इस प्रस्ताव पर समीक्षा हो सकती है।

इस प्रस्ताव के तहत 1 जनवरी 2022 से टेक्सटाइल और जूतों पर जीएसटी की दर को 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करने की योजना थी। हालांकि राज्य सरकारों से लेकर इन क्षेत्रों से जुड़े उद्योगों की तरफ से इसका विरोध हो रहा था। सीतारमण के साथ गुरुवार को हुई बजट-पूर्व बैठक में भी कई राज्यों ने इस मुद्दे को उठाया था। गुजरात, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, राजस्थान एवं तमिलनाडु जैसे राज्यों ने इसका विरोध किया था। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बैठक में कहा था कि इससे पूरे टेक्सटाइल इंडस्ट्री को नुकसान होगा।
कैट ने फैसले का स्वागत किया
वहीं कारोबारी संगठन कैट ने जीएसटी बढ़ाने के फैसले को टलने पर इसका स्वागत किया है। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा है कि इससे देश के लाखों कपडा एवं फुटवियर व्यापारियों को राहत मिलेगी। खंडेलवाल ने यह भी कहा कि कपडे की तरह फुटवियर पर भी जीएसटी दर बढ़ाने के निर्णय को स्थगित करना भी आवश्यक है।
जानिए अभी कितना है कपड़ों और जूतों पर टैक्स
1000 रुपये तक के जूतों पर अभी 5 फीसदी जीएसटी लगता है। वहीं अगर कपड़ों की बात करें तो मैनमेड फाइबर, यार्न और फैब्रिक्स पर जीएसटी की दर फिलहाल 18 फीसदी, 12 फीसदी और 5 फीसदी है। 1,000 रुपये तक के कपड़ों पर 5 फीसदी का जीएसटी है। आर्टिफिशियल और सिंथेटिक यार्न पर जीएसटी की दर को बदलकर 12 फीसदी कर दिया गया है। लेकिन कॉटन, सिल्क, वुल यार्न जैसी नैचुरल यार्न पर 5 फीसदी का टैक्स लगता है।


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