नई दिल्ली। आज पेश हुए बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैड बैंक का रास्ता साफ कर दिया है। आज पेश हुए बजट में बैड बैंक के लिए प्रस्ताव पेश किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने ऐलान किया है कि देश में बैड बैंक की स्थापना की जाएगी। बैड बैंक बनने के बाद बैंकों को एनपीए नियंत्रित करने में आसानी हो जाएगी। बैड बैंक एक एसेट रिकंस्ट्रशन कंपनी (एआरसी) मॉडल पर आधारित होगा।
बैड बैंक की मदद से बैंक और एनबीएफसी के एनपीए को आसानी से निपटा जा सकेगा। बैड बैंक जैसी संस्था की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही थी। इसके बनने के बाद देश के बैंक और एनपीए को डिस्काउंट पर इन बैड बैंक को बेचा जाएगा। बाद में यह बैड बैंक इन एनपीए को खरीद कर उसको वसूलना शुरू करेंगे, वहीं बैंक और एनबीएफसी को अपने एनपीए के वसूलने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।

होता क्या है बैड बैक
बैड बैंक कोई नई चीज नहीं है। वर्ष 2018 में सरकार ने पब्लिक सेक्टर बैंकों के लिए प्रोजेक्ट सशक्त नाम के एक स्कीम का ऐलान किया था। इसके तहत सरकारी बैंकों के बैड लोन या कहें एनपीए से निपटने के लिए 5 सूत्रीय योजना बनाई थी। उस समय सरकार ने कहा था कि एसेट मैनजमेंट कंपनी के तर्ज पर एक संस्था का गठन किया जाएगा। आज बैड बैंक की घोषणा उसी दिशा में एक कदम है। बजट प्रस्ताव में बताया गया है कि इस नई कंपनी का गठन इनसॉल्वेंसी और बैंक्सरप्सी कोड (आईबीसी) प्रक्रिया और आईबीसी कानून के तहत किया जाएगा।
एनपीए तेजी से बढ़ने की आशंका
आरबीआई के मुताबिक बैड लोन या एनपीए की वर्तमान मात्रा बैंकों के लिए बड़ी चिंता बन गई है। सितबंर 2020 के समाप्ति पर बैंकिंग सिस्टम में ग्रॉस एनपीए पूरी इंडस्ट्री के लोन बुक का करीब 7.5 फीसदी था। इसके इस साल मार्च- सितबंर तक बढ़कर 13.5 फीसदी तक होने की आशंका है।


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