Real Estate in dubai: जब मुकेश अंबानी ने मार्च में अपने सबसे छोटे बेटे के लिए दुबई में 80 मिलियन डॉलर की एक हवेली खरीदी थी तो यह दुबई में उस समय तक की सबसे महंगी रियल स्टेट डील थी। लगभग सात महीने तक अंबानी के पास दुबई में सबसे महंगे घर का रिकॉर्ड रहा। अंबानी के घर खरीदने के 13 हफ्ते बाद किसी ने पेड़ के आकार वाला 8 बेडरुम और 18 बाथरुम वाला घर 302.5 मिलियन दरहम यानी की 82.4 मिलियन डॉलर में खरीदा है। दुबई के लैंड डिपार्टमेंट ने खरीदार के नाम का खुलासा नहीं किया है। यह लैंड डिल अब दुबई में सबसे महंगी है।
दुबई का रियल स्टेट है फेमस
पिछले एक साल में दुबई के रियल एस्टेट बाजार में लगातार वृद्धि हो रही है। कुछ रियल स्टेट के जानकारों का मानना है कि यह नया रिकार्ड लंबे समय तक बना रह सकता है। यहां पर ब्रोकर लैंड खरीदने के लिए 70 प्रतिशत तक का भुगतान नकद के रुप में मागते हैं। रुस- यूक्रेन युद्ध के बाद यूक्रेन से अमीरों ने दुबई में निवेश करने की ओर नजर किया है। इसलिए आजकल दुबई के रियल स्टेट में महंगाई बढ़ रही है।
बढ़ रही है घरों की कीमत
अमीरात की प्रमुख अचल संपत्ति की कीमतों में पिछले 12 महीनों में 70.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह आकड़ा सितंबर 2021 से सितंबर 2022 तक का है। इस बढ़ोत्तरी के साथ अब दुबई का रियल स्टेट नाइट फ्रैंक के वैश्विक सूचकांक पर सबसे बड़ा लाभ देने वाला बन गया है। आज के समय में दुबई में घर सबसे महंगे हो रहे हैं। इस सूचकांक में लंदन के रियल स्टेट में 2.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पेरिस के रियल स्टेट के दाम में 8.9 प्रतिशत और न्यूयॉर्क में 7.3 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है। दुबई के रियल स्टेट के किमतों में आई वृद्धी के की तुलना में अन्य शहर काफी पिछे हैं।
10 साल पहले टूटा था मार्केट
एक दशक से भी अधिक समय पहले शहर का रियल स्टेट बाजार ध्वस्त हो गया था। अब दुबई संयुक्त अरब अमीरात का हिस्सा है और यह दुनिया के सबसे बड़े लक्ज़री हाउसिंग शहरो में से एक है। कुछ डेवलपर्स पर अभी भी बैंकों का अरबों डॉलर का बकाया है और एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय वित्तीय निगरानी संस्था ने इस साल संयुक्त अरब अमीरात को अपनी ग्रे सूची में भी रखा है। संक्था का आरोप है कि संपत्ति क्षेत्र में दुबई में अवैध विदेशी धनों की इन्ट्री सबसे ज्यादा चिंताजनक है। सरकार ने कहा है कि उसने पैसे की आगमन की निगरानी में लगातार प्रगति की है, अब पहले से कहीं ज्यादा पार्दशिता है।
अभी भी हैं कुछ समस्याएं
आज भी दुबई की संपत्ति रजिस्ट्री सार्वजनिक नहीं है। यहां का भूमि विभाग विशिष्ट संपत्तियों के खरीदारों की पहचान के बारे में जानकारी साझा नहीं करता है। कुछ आलोचकों का कहना है कि आवास बाजार में आने वाले धन के आर्थिक लाभों के कारण अधिकारियों के पास निरीक्षण या पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से दबाव कम है। दुबई में आज भी गुमनाम रूप से अचल संपत्ति खरीदना बेहद ही आसान है। अन्य देश की संस्थाएं इसे सही नहीं मानती हैं। कई सस्थाओं का तो आरोप है कि अन्य देश के लोग टैक्स चोरी कर के दुबई में निवेश कर रहे हैं।


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