फायदे का सौदा : पेट्रोल इंजन स्कूटर को बनाएं इलेक्ट्रिक, इतना आएगा खर्च

नई दिल्ली, अगस्त 29। इस समय देश भर में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ रही है। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को कई स्टार्टअप भी आ गए हैं। सरकार भी ई-वाहनों की बिक्री बढ़ाना चाहती है। इसके लिए सरकार की तरफ से ई-वाहन खरीदने और बेचने वाले दोनों को सब्सिडी मिल रही है। मगर यदि आप बजट के कारण नया ई-वाहन नहीं खरीद सकते, तो अपने पुराने पेट्रोल स्कूटर को इलेक्ट्रिक स्कूटर में जरूर कंवर्ट करा सकते हैं। बेंगलुरु में स्थित एक नया स्टार्टअप पेट्रोल स्कूटरों को इलेक्ट्रिक स्कूटर में कंवर्ट कर रहा है, जिससे आप बिना नया ई-स्कूटर खरीदे ही एक ई-स्कूटर के मालिक बन सकते हैं।

कैसे होगा स्कूटर कंवर्ट

कैसे होगा स्कूटर कंवर्ट

बैंगलोर में एक राइड-शेयरिंग स्टार्टअप है बाउंस। इसी ने पेट्रोल स्कूटर को ई-स्कूटर में कंवर्ट करना शुरू किया है। कंपनी के अनुसार सभी पेट्रोल इंजन वाले स्कूटरों को ई-स्कूटर में बदला जा सकता है। इसके लिए उसमें इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी लगाई जाती है। जहां तक खर्च का सवाल है तो कंपनी को इसके लिए 20000 रुपये देने होते हैं। बाउंस के अनुसार यह 1000 से ज्यादा स्कूटरों को ई-स्कूटर में कंवर्ट कर चुकी है।

कितनी चलेगी एक चार्ज पर

कितनी चलेगी एक चार्ज पर

कंपनी ने दोपहिया वाहन मालिकों के लिए सेवा शुरू की है। किट एक बार चार्ज करने पर 65 किलोमीटर तक चल सकती है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी के सह-संस्थापक के मुताबिक स्कूटर में एक स्वैपेबल बैटरी लगाई जाती है। इसकी तुलना होंडा एक्टिवा 125 के एक लीटर पेट्रोल पर 60 किमी की रेंज के साथ तुलना की जा सकती है।

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की थी शुरुआत

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की थी शुरुआत

बाउंस के सह-संस्थापक विवेकानंद हल्लेकरे के मुताबिक पेट्रोल स्कूटरों को ई-स्कूटरों में कंवर्ट करने का काम बतौर पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। मगर उन्हें ये एक बड़ी बिजनेस अपॉर्च्युनिटी लगी। हल्लेकरे के अनुसार उन्हें लगा कि यह पेट्रोल स्कूटर को इलेक्ट्रिक स्कूटर में कंवर्ट करना एक बड़ा बिजनेस अवसर हो सकता है। अब बाउंस ने ई-स्कूटर के लिए सर्विस सेंटर भी खोलना शुरू किया है।

कई और कंपनियों ने शुरू किया यही काम

कई और कंपनियों ने शुरू किया यही काम

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बाउंस के अलावा कुछ और कंपनियां भी पेट्रोल स्कूटरों को इलेक्ट्रिक स्कूटर में कंवर्ट कर रही हैं। इन कंपनियों में एट्रियो और मेलाडाथ ऑटो कंपोनेंट्स शामिल हैं। मेलाडाथ एक हाइब्रिड किट लॉन्च करने की योजना बना रही है, जो किसी भी पुराने पेट्रोल स्कूटर को आसानी से इलेक्ट्रिक हाइब्रिड स्कूटर में बदलेगी।

कितनी मिलती है सब्सिडी

कितनी मिलती है सब्सिडी

एल्टियस ऑटो सॉल्यूशंस के फाउंडर राजीव अरोड़ा के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहनों में जो लिथियम बैटरी इस्तेमाल हो रही है उसकी कीमत 13 से 15 हजार प्रति किलोवाट के बीच है। सरकार की तरफ से जो सब्सिडी मिल रही है वो अधिकतम 15,000 रुपये प्रति किलोवाट है। इससे हो यह रहा है कि स्कूटर बनाने वाली कंपनियों को प्रति किलोवाट 2000 रु की बचत का मौका मिल रहा है। एक ई-स्कूटर को 30-45 हजार रु में तैयार किया जाता है। कीमतो में अंतर इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की मोटरों से आता है। उदाहरण के लिए हब मोटर की कीमत लगभग 20 हजार रु होती है। वहीं मिड ड्राइव मोटर इससे महंगी होती है।

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