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मुनाफे का सौदा : 1 साल में 9 लाख रु हो गए 1 करोड़, जानिए कैसे

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नयी दिल्ली। भारत में जिन बड़े कारोबारियों का नाम ज्यादा सुनने में आता है, उनमें मुकेश अंबानी के अलावा गौतम अडानी शामिल हैं। इसकी वजह है पिछले कुछ सालों में अडानी की कंपनियों का शानदार प्रदर्शन। इन कंपनियों में एक है अडानी ग्रीन एनर्जी। इस कंपनी ने न केवल अपना साइज बढ़ाया है, बल्कि अपने निवेशकों को भी मालामाल कर दिया। अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर ने पिछले 1 साल में अपने निवेशकों को करोड़पति बना दिया। कंपनी के शेयर ने 1100 फीसदी से भी ज्यादा रिटर्न दिया है। इससे निवेशकों का पैसा 9 गुना तक बढ़ा। इस लिहाज से जिन लोगों ने अडानी ग्रीन एनर्जी में 9 लाख रु का निवेश किया होगा आज उनकी निवेश राशि करीब-करीब 1.08 करोड़ रु हो गई होगी। आइए जानते हैं इस शेयर के बारे में विस्तार से।

पहुंच गया 1 साल के रिकॉर्ड स्तर पर
 

पहुंच गया 1 साल के रिकॉर्ड स्तर पर

पिछले कारोबारी हफ्ते में 16 सितंबर को कंपनी का शेयर 699 रु के 52 हफ्तों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा। जबकि इसका 52 हफ्तों का सबसे निचला स्तर मात्र 49 रु है। शुक्रवार को शेयर में हल्की गिरावट आई और ये 2.30 रु या 0.34 फीसदी की गिरावट के साथ 664.60 रु के भाव पर बंद हुआ। शुक्रवार को अडानी ग्रीन एनर्जी का शेयर 666.90 रु के बंद भाव की तुलना में 675.00 रु पर खुला और कारोबार के दौरान 688 रु के ऊपरी स्तर तक चढ़ा। पर आखिर में इसमें कमजोरी दर्ज की गई। 664.60 रु के भाव पर अडानी ग्रीन एनर्जी की मार्केट कैपिटल 1,03,944.39 करोड़ रु है।

ओएनजीसी जैसी दिग्गज कंपनियों को छोड़ा पीछे

ओएनजीसी जैसी दिग्गज कंपनियों को छोड़ा पीछे

मार्केट कैपिटल के मामले में अडानी ग्रीन एनर्जी ने ओएनजीसी जैसी दिग्गज कंपनियों को पीछे छोड़ दिया। इस मामले में एनटीपीसी, बजाज फिनसर्व, हिंदुस्तान जिंक, पावर ग्रिड, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज और डाबर इंडिया भी अडानी ग्रीन एनर्जी से पिछड़ गई हैं। अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर के इस शानदार प्रदर्शन के पीछे असल कारण है इसका मुनाफा। वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में कंपनी 21.75 करोड़ रु के मुनाफे में रही, जबकि इसके मुकाबले पिछले कारोबारी साल की समान तिमाही में कंपनी 97.44 करोड़ रु के घाटे में रही थी। इस बीच कंपनी की इनकम भी 675 करोड़ रु से बढ़ कर 878 करोड़ रु रही। अडानी ग्रीन एनर्जी का बिजली निर्यात भी ठीक-ठाक रहा।

कोरोना संकट में चलता रहा कारोबार
 

कोरोना संकट में चलता रहा कारोबार

दरअसल अडानी ग्रीन एनर्जी रीन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में है। कोरोना महामारी के दौरान भी कंपनी का कारोबार बखूबी चलता रहा और इसकी फाइनेंशियल हालत पर कुछ खास फर्क नहीं पड़ा। एक फ्रांसिसी कंपनी ने अडानी ग्रीन एनर्जी में हजारों करोड़ रु का निवेश भी किया है। आपको बता दें कि अडानी ग्रीन एनर्जी कोई बहुत पुरानी कंपनी नहीं है, बल्कि इसकी शुरुआत जनवरी 2015 में हुई है। बहुत कम समय में ही कंपनी ने 1 लाख करोड़ रु की मार्केट कैप का आंकड़ा पार कर लिया। 2017 में कंपनी ने अडानी एंटरप्राइजेज के कुल सौर ऊर्जा पोर्टफोलियो का पूरा नियंत्रण ले लिया और खुद को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया और बॉम्बे एक्सचेंज एक्सचेंज पर लिस्ट कराया।

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English summary

Profit deal 9 lac rupees becomes 1 crore in 1 year know how

Adani would have invested Rs 9 lakh in green energy, today his investment would have been around Rs 1.08 crore. Let us know in detail about this stock.
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