जरा आप सोचिए की आपने 20 साल के लिए होम लोन लिया है और इसे अगर 24 साल की ईएमआई में चुकाने की स्थिति बन जाए तो, आप क्या सोचेंगे। होम लोन की बढ़ती दरों का मतलब है कि जिन ग्राहकों ने 2-3 साल पहले लंबी अवधि के होम लोन लिए थे। उनके लिए वास्तिवक टेनोर की अधिक लंबी हो गई है। पिछले पांच महीनों में होम लोन की दरें 6.5 प्रतिशत से बढ़कर 8.25 प्रतिशत हो गई है। 2019 में 6.7 प्रतिशत के ब्याज दर पर 20 साल के लिए लिया गया होम लोन अब ग्राहक को 21 साल में चुकाया पड़ेगा।
रिजर्व बैंक ने बढ़ाया है रेपो दर
भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो दर में लागातार तीसरी बार बढ़ोत्तरी की है। सितंबर में रिजर्व बैंक ने रेपो दर में बढ़ोत्तरी की थी। वर्तमान में रेपो दर 4.90 प्रतिशत है। सितंबर में रेपो दरों की बढोत्तरी इस साल की तीसरी बढोत्तरी थी। रेपो दर बढ़ाने से आम आदमी के जीवन पर खासा फर्क पड़ा है।
रेपो दरों को बढ़ाने से होम लोन के दर भी बढ़ा है
20 साल के लिए 10 लाख के लोन लिए ईएमआई इस प्रकारा बढ़ी है
-अप्रैल में रेपो दर 4 प्रतिशत थी इस दर पर ब्याज दर 6.7 प्रतिशत था और ईएमआई की राशि 7574 रुपए थे.
-मई में रेपो दरो में बढोत्तरी की गई थी जिसके बाद यह 4.4 प्रतिशत के दर पर पहूचा था। रेपो दरों में बढोत्तरी के बाद ब्याज दर 7.1 प्रतिशत हुई थी। इस ब्याज दर पर इएमआई की राशि 7813 रुपए थी।
-जून महीने में रेपो दर 4.9 प्रतिशत हो गई थी जिसके बाद ब्याज दर बढ़ कर 7.6 प्रितशत हुई थी, इस ब्याज दर पर ईएमआई की राशि 8117 रुपए हो गई थी। -अगस्त महीने में रेपो दर बढ़कर 5.4 प्रतिशत हो गई थी जिसके बाद ब्याज दर भी बढ़कर 8.1 प्रतिशत हो गया था। इस ब्याज दर पर ईएमआई 8427 रुपए हो गई थी।
-सितंबर महीने में जब रिजर्व बैंक ने ब्याज दर बढ़ाया तब रेपो दर की वैल्यू 5.9 प्रतिशत हो गई। रेपो दरों के बढ़ने से अब ब्याज दर 8.6 प्रतिशत है। अब ग्राहकों को 8741 रुपए ईएमआई भरना होगा।
यह डेटा सितंबर में रेपो रेट बढ़ाने के बाद प्रोजेक्ट किए गए हैं।
20 साल तक के होम लोन अब ले सकते हैं 25 साल का वक्त
रेपो दरों में बढ़ोत्तरी के बाद लंबे अवधि के लिए होम लोन लेने वाले ग्राहकों के पास अवधि में विस्तार करने का विकल्प बचता है। अगर आपने 2019 में 6.7 प्रतिशत ब्याज पर 20 साल के लिए होम लोन लिया है तो, चलिए यह समझते हैं की रेपो दर में बढ़ोत्तरी कैसे आपके लोन चुकाने की अवधि बढ़ा देगी।
अगर आपने अप्रैल 2022 में 6.7 प्रतिशत के रेट पर 50 लाख रुपए का लोन लिया था तो मई 2022 तक आपने कुल 36 ईएमआई भरी थी। मई 2022 में रेपो दर में बढोत्तरी के बाद ब्याज दर 7.1 प्रतिशत हुई थी, ब्याज दर में बढ़ोत्तरी के कारण लोन की अवधि जो 17 साल बची हुई थी वह बढ़कर 17 साल 11 महीने हो गई थी। जून में फिर से रेपो दरें बढ़ाई गई जिसके बाद ब्याज दर 7.6 प्रतिशत हो गया था। इस ब्याज दर पर बची हुई 45.84 लाख रुपए की राशी को भरने में 19 साल 3 महीने का समय लगना था। अब अकटूबर में रेपो दर बढ़ाने के बाद, ब्याज दर फिर से बढ़ कर 8.6 हो गई हैं। अब इस ब्याज दर पर बचे हुए 45.46 लाख रुपए को भरने में 22 साल 10 महीने का वक्त लगेगा। इस तरह ग्राहक कों 60 एक्ट्रा ईएमआई भरनी पड़ेगी।
क्या है उपाय
रेपो दरों के बढ़ने से लोन की अवधि को कम करना ग्राहक के हाथ में नहीं है लेकिन ईएमआई की राशि को बढ़ाकर इसे ओरिजन अवधि के भितर जमा कर सकते हैं। निवेशक के पास दो विकल्प है या तो वह अपनी मंथली ईएमआई में 5177 रुपए की बढ़ोत्तरी कर के इसे 43 046 रुपए कर ले या फिर 5.5 लाख रुपए का लंप सम भर के बढ़ी हुई अवधि को कम कर सकता है। रेपो दरों के बढ़ने के बाद ईएमआई की राशि को बढ़ाना ही एक उचित विकल्प है, इस तरह से आप ज्यादे सयम तक और ज्यादे ब्याज भरने से बच सकते हैं।


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