नई दिल्ली, अगस्त 22। अगर आपमें हर काम के लिए कैश में पेमेंट करने की आदत है, तो अब इसे बदलना होगा। सरकार ने कैश में पेमेंट करने वालों पर नजर रखने की योजना बनाई है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने हॉस्पिटल्स, बैंक्वेट हॉल और अन्य बिजेनेसेज के लिए कैश में पेमेंट करने वालों पर नजर रखने का फैसला लिया है। सरकार टैक्स चोरी पर लगाम लगाना चाहती है, ऑनलाइन, चेक या बैंक ट्रासफर के माध्यस से पेमेंट करने पर टैक्स चोरी की गुंजाइश कम रहती है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट यह सुनिश्चित करना चाहता है कि लोग बड़े पेमेंट के लिए ज्यादा से ज्यादा बैंकिग चैनल का प्रयोग करें।
20,000 से ज्यादा कैश में न करें भुगतान
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का कहना है कि कैश के माध्यम से 20,000 रुपये से ज्यादा कर्ज या डिपॉजिट लेना कानूनन गलत है। आईटी डिपार्टमेंट यह तय करना चाहता है कि 20 हजार से ऊपर के सभी भुगतान बैंकिंग के नियमों के अनुसार होने चाहिए। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट कैश के माध्यम से ज्यादा अमाउंट का भुगतान लेने वाले हॉस्पिटल्स के खिलाफ कार्रवाई करने की योजना बना रहा है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने उन लोगों के बारे में पता लगाना शुरू कर दिया है जिन्होंने हॉस्पिटल में इलाज से जुड़ी सेवाओं के लिए बड़े अमाउंट में कैश पेमेंट किया है।
2 लाख से अधिक कैश की नहीं है अनुमति
कैश में भुगतान के लिए इनकम टैक्स विभाग के नियम पहले से ही स्पष्ट हैं। नियम के अनुसार किसी भी व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति से 2 लाख रुपये या इससे ज्यादा की रकम कैश में लेने की परमिशन नहीं है। किसी भी संस्था या राजनीतिक पार्टी को कैश में डोनेशन देने पर टैक्स डिडक्शन का फायदा नहीं दिया जाता है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट कुछ खास बिजनेसेज की लेनदेन की गतिविधियों पर नजर रख रहा है। इनकम टैक्स के नियम के अनुसार, हॉस्पिटल्स या इलाज से जुड़ी सभी तरह की सेवाएं देने वाली संस्थाओं को मरीज के भर्ती होने के समय ही उसके पैन कार्ड की जानकारी लेना जरूरी है। आईटी डिपार्टमेंट का कहना है कि हॉस्पिटल नियमों का पालन ठीक तरह से नहीं कर रहें हैं।
कई बिजनेसेस ट्रांसेक्शन रिकार्ड नहीं रखते हैं
बैंक्वेट हॉल के मामलों में भी आईटी डिपार्टमेंट ने पाया है कि ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड नहीं रखा जाता है। डिपार्टमेंट ने कुछ बैंक्वेट हॉल के खिलाफ एक्शन लिया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अधिकारियो ने बताया कि कुछ प्रोफेशनल्स संस्थानों के खिलाफ भी जांच चल रही है। अगर उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत मिलते हैं तो कार्रवाई होगी। आईटी डिपार्टमेंट का कहना है कि छोटे शहरों के व्यापारी यह मानते हैं कि इनकम टैक्स की टीम के पहुच से वो दूर हैं लेकिन सब पर नजर रखी जा रही है।
More From GoodReturns

RBI MPC Policy: आज ब्याज दरों पर बड़ा फैसला, आपकी EMI और FD पर क्या होगा असर?

Britannia से Cummins तक, आज इन 5 शेयरों में हलचल, इंट्राडे में रखें नजर!

प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन का ऑफर आया है? 'Accept' दबाने से पहले ये गणित जरूर समझें

सोने में निवेश का सही फैसला: SGB, ETF या फिजिकल गोल्ड, आपके लिए क्या है बेस्ट?

Amazon-Flipkart सेल: बैंक ऑफर्स और EMI का सही गणित, शॉपिंग से पहले ये जरूर देखें

RBI MPC Meeting August 2026: रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, लोन और आपकी EMI पर कैसा असर?

Godrej Consumer Q1 Results: आज नतीजों के साथ डिविडेंड का धमाका? निवेशकों की नजरें इन 3 ट्रिगर्स पर

Jio का ₹10,000 वाला Freedom Pack: 15 महीने की वैलिडिटी और फ्री OTT, क्या है पूरी सच्चाई?

ITR रिफंड का पैसा आना शुरू: क्या आपके खाते में आया? तुरंत चेक करें ये 3 जरूरी चीजें

RBI ने Repo Rate रखा बरकरार, EMI, महंगाई, रुपया और शेयर बाजार पर क्या असर?

सरकारी बॉन्ड नीलामी: FD से बेहतर रिटर्न या जोखिम? जानें निवेश का सही तरीका



Click it and Unblock the Notifications