नयी दिल्ली। भारत में सितंबर में ऑटोमोबाइल की रिटेल बिक्री में पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 10.24 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट से इंडस्ट्री के लिए अच्छी उम्मीद कम हो गई है। ये गिरावट ऐसे महीने में आई है जबकि पैसेंजर व्हीकल सेल्स में अच्छे संकेत मिलने लगे हैं। हालांकि कुल रिटेल सेल्स अगस्त के मुकाबले कम हुई है। अगस्त में रिटेल सेल्स 27 फीसदी घटी थी। फेडेरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (एफएडीए) की तरफ से जारी किए गए आंकडों के अनुसार सितंबर 2019 में 14,98,283 यूनिट्स के मुकाबले सितंबर 2020 में वाहनों की रिटेल सेल्स 13,44,866 यूनिट्स रह गई।

पैसेंजर व्हीकल की सेल्स बढ़ी
रिटेल सेल्स में पैसेंजर वाहनों की सेल्स बढ़ी है। पैसेंजर वाहनों की रिटेल सेल्स 1,78,189 यूनिट्स से 9.81 फीसदी बढ़ कर 1,95,665 यूनिट्स रही। हालांकि दोपहिया वाहनों की बिक्री पिछले महीने 12.62 प्रतिशत घटकर 10,16,977 इकाई रह गई, जो कि सितंबर 2019 में 11,63,918 इकाई रही थी। कमर्शियल वाहनों की बिक्री भी एक साल पहले 59,683 इकाई की तुलना में 33.65 प्रतिशत घटकर 39,600 इकाई रह गई। इसी तरह पिछले महीने तिपहिया वाहनों की बिक्री 58.86 प्रतिशत घटकर 24,060 इकाई रह गई, जो एक साल पहले की अवधि में 58,485 इकाई रही थी।
ट्रैक्टरों की सेल्स बढ़ी
ट्रैक्टरों की सेल्स में बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल सितंबर में 38,008 इकाइयों की तुलना में पिछले महीने ट्रैक्टर बिक्री 80.39 प्रतिशत बढ़कर 68,564 इकाई हो गई। एफएडीए ने ये आंकड़े 1,461 क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) में से 1,254 से वाहन रजिस्ट्रेशन डेटा इकट्ठा किया है। एफएडीए के अध्यक्ष विनकेश गुलाटी के अनुसार भारत को अनलॉक करने के लिए सरकार के लगातार प्रयास के साथ सितंबर महीने में पिछले महीनों की तुलना में ऑटोमोबाइल रजिस्ट्रेशन बढ़ी है। सितंबर में ही पैसेंजर वाहनों ने सकारात्मक वृद्धि दिखाई।
पैसेंजर और दोपहिया वाहनों से उम्मीद
गुलाटी के अनुसार ऑटो सेल्स के नए सिरे से बढ़ने की उम्मीद है और ये पिछले साल के बराबर हो सकती है। यात्री वाहनों और दो पहिया वाहनों से उम्मीद है। त्योहारी सीजन के बीच बिहार में होने वाले चुनाव और कोरोना के बढ़ते मामले खेल बिगाड़ सकते हैं। एफएडीए ने शोरूमों में बढ़ती इन्वेंट्री के कारण थोक और खुदरा के बीच के आंकड़ों पर चिंता जताई है।


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