Prestige Group IPO: बेंगलुरु में स्थित रियल एस्टेट डेवलपर प्रेस्टीज ग्रुप अपना इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने तैयारी कर रही है। कंपनी रेसिडेंशियल, कमर्शियल, हॉस्पिटैलिटी और रिटेल सेक्टर की लीडिंग कंपनियों में से एक है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, प्रेस्टीज ग्रुप 4,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के जरिए अपने होटल बिजनेस को पब्लिक करने की तैयारी कर रही है।
मनीकंट्रोल के अनुसार, कंपनी के बोर्ड ने आईपीओ योजना को मंजूरी दे दी है और ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के आखिरी स्टेज का काम अभी चल रहा है। इस आईपीओ के जरिए 4000 करोड़ रुपये का प्राइमरी और सकेंडरी शेयर सेल लाने की तैयारी है।

फंड का इस्तेमाल कहां करेगी कंपनी? (Prestige Group IPO News)
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से जानकारी दी गई है कि प्राइमरी फंड्स को नई प्रॉपर्टी के डेवलोपमेंट और मौजूदा कर्ज को चुकाने के लिए किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, "प्रेस्टीज कोटक महिंद्रा कैपिटल और जेएम फाइनेंशियल सहित चार निवेश बैंकों के साथ काम कर रही है। डीआरएचपी इस महीने के अंत तक या अगले महीने की शुरुआत में दाखिल किए जा सकता है।"
प्रेस्टीज ग्रुप को भेजे गए ई-मेल के पब्लिकेशन के समय तक कोई जवाब नहीं मिला था। एक अन्य सूत्र की जानकारी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैक्स (टैरिफ) के वजह से बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। ऐसे समय में निवेशक रियल एस्टेट और होटल जैसे सेक्टर्स को ज्यादा सुरक्षित और बेहतर ऑप्शन मान रहे हैं, ऐसा एक सूत्र ने बताया।
प्रेस्टीज ग्रुप के हॉस्पिटैलिटी पोर्टफोलियो में हैं ये प्रॉपर्टीज (Prestige Group ipo date)
प्रेस्टीज ग्रुप के हॉस्पिटैलिटी पोर्टफोलियो में बेंगलुरु में कई अहम प्रॉपर्टीज शामिल हैं। व्हाइटफील्ड में शेरेटन ग्रैंड होटल एंड कन्वेंशन सेंटर, देवनहल्ली में एक जेडब्ल्यू मैरियट होटल प्रेस्टीज ग्रुप, कोटक महिंद्रा कैपिटल, कोच्चि में द आर्टिस्टे रिसॉर्ट, देवनहल्ली में मुलबेरी शेड्स, प्रेस्टीज टेक पार्क में ट्वेंटी फोर बिजनेस होटल, मॉक्सी बेंगलुरु एयरपोर्ट भी है।
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में आईपीओ
भारत में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर (होटल और टूरिज्म से जुड़ा सेक्टर) निवेशकों के लिए दिलचस्प बन गया है। इसकी वजह यह है कि देश में खासकर युवाओं के बीच घूमने-फिरने और ट्रैवल का शौक तेजी से बढ़ रहा है, और निवेशक इसी बढ़ते ट्रेंड में फायदा देख रहे हैं। इस इंटरेस्ट की वजह से पिछले कुछ सालों में कई हॉस्पिटैलिटी कंपनियों ने शेयर बाजार में अपने आईपीओ लॉन्च किए हैं। इसके अलावा कुछ और कंपनियां भी हैं जिन्होंने जरूरी डॉक्यूमेंट्स सबमिट कर दिए हैं और सही मौके का इंतजार कर रही हैं ताकि वे भी इस निवेशकों से फंड जुटा सकें।


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