LIC : पैसा रखें तैयार, आने वाला है कमाई का तगड़ा मौका

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी कमाई का तगड़ा मौका देने जा रही है। दरअसल भारत सरकार ने एलआईसी की लिस्टिंग कराने का फैसला किया है। हालांकि इसी बीच कोरोना महामारी फैल गई। इसके चलते लोगों को लगा कि शायद सरकार फिलहाल एलआईसी की लिस्टिंग को टाल दे। लेकिन अब मोदी सरकार की तैयारियों को देख कर लग रहा है कि इसी साल एलआईसी लिस्टिंग हो जाएगी। इसकी लिस्टिंग होते ही उम्मीद है कि यह देश की सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनी बन जाएगी। अभी देश की सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है। हाल ही में आए आईपीओ में निवेशकों का पैसा पहले ही दिन लगभग दोगुना तक बढ़ गया है।

देश का सबसे बड़ा होगा आईपीओ

देश का सबसे बड़ा होगा आईपीओ

एलआईसी का इनीशियल पब्लिक ऑफर यानी आईपीओ देश में अभी तक आए किसी भी आईपीओ से भी बड़ा होगा। वैसे भी एलआईसी देश की सबसे बड़ी निवेशक कंपनी है। शेयर बाजार में लिस्टिड लगभग सभी अच्छी कंपनियों में एलआईसी की हिस्सेदारी है। इसके अलावा एलआईसी के शेयर बाजार में निवेश की वैल्यू देश के कुल म्यूचुअल फंड कंपनियों से भी ज्यादा है। देश में म्यूचुअल फंड की 45 कंपनियों की जितना आसेट एसेट मैनेजमेंट यानी एयूएम है, उससे ज्यादा एलआईसी ने शेयर बाजार में निवेश कर रखा है। एलआईसी का शेयर बाजार में कुल निवेश लगभग 29.19 लाख करोड़ रुपये है, जबकि देश में 45 म्यूचुअल फंड की एयूएम करीब 27.28 लाख करोड़ रुपये है।

10 लाख करोड़ रुपये हो सकती है वैल्यूएशन

10 लाख करोड़ रुपये हो सकती है वैल्यूएशन

एलआईसी की लिस्टिंग देश में अब तक की सबसे बड़ी लिस्टिंग हो सकती है। लिस्ट होने के बाद एलआईसी की मार्केट कैप आरआईएल, एचडीएफसी बैंक और टीसीएस जैसी कंपनियों से भी ज्यादा हो सकती है। एलआईसी के वर्तमान असेट अंडर मैनेजमेंट और बिजनेस प्रीमियम को आधार मानें तो इसकी वैल्यूएशन 8 लाख करोड़ से लेकर 10 लाख करोड़ रुपये के आसपास रह सकती है। यही नहीं सिर्फ एलआईसी की लिस्टिंग से भारत के शेयर बाजार की ग्लोबल रेटिंग बदल सकती है।

रिटेल निवेशकों को मिल सकती है अच्छी भागीदारी

रिटेल निवेशकों को मिल सकती है अच्छी भागीदारी

जब भी सरकारी कंपनियों की लिस्टिंग होती है, तो सरकार खुदरा यानी रिटेल निवेशकों को पूरा ध्यान रखती है। रिटेल निवेशकों के लिए आईपीओ का काफी बड़ा हिस्सा अलग रखा जाता है और कई बार कुछ कम रेट पर यानी डिस्काउंट पर भी एलाट किया जाता है। उम्मीद है कि एलआईसी शेयर बाजार करीब 80 हजार करोड़ रुपये जुटाएगी। ऐसे में खुदरा निवेशकों का 35 प्रतिशत का किस्सा 25 हजार करोड़ रुपये से लेकर 28 हजार करोड़ रुपये तक हो सकता है। वित्तीय बाजार के जानकारों की राय है कि जब भी एलआईसी का आईपीओ आएगा तो करीब 1 करोड़ नए डीमैट अकाउंट खुलेंगे। 

एलआईसी को प्रीमियम से मिलता है करीब 4 लाख करोड़ रुपये

एलआईसी को प्रीमियम से मिलता है करीब 4 लाख करोड़ रुपये

एलआईसी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार कैलेंडर वर्ष 2019 में कुल प्रीमियम के रूप में 3,79,400 करोड़ रुपये मिला था। देश में सभी निजी जीवन बीमा कंपनियों की जारी की गई पॉलिसी की संख्या 70 लाख है, जबकि केवल एलआईसी की जारी की गई पॉलिसियों की संख्या ही 2.19 करोड़ है। इसी से एलआईसी के आकार का अंदाजा लगाया जा सकता है।

एलआईसी के पास हैं करीब 12 लाख एजेंट

एलआईसी के पास हैं करीब 12 लाख एजेंट

एलआईसी कितनी बड़ी कंपनी है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके पास करीब 12 लाख से ज्यादा एजेंट का नेटवर्क है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक देश के हर कोने में इसके एजेंट फैले हुए हैं। इन एजेंट की देखरेख करने के लिए एलआईसी की देश में करीब 6,500 शाखाएं हैं।

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