नई दिल्ली। जल्द ही नौकरीपेशा लोगों को एक और झटका लगने वाला है। इस बार आपके पीएफ की बचत पर यह झटका लगेगा। जहानकारी के मुताबिक, एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड (ईपीएफ) पर मिलने वाला ब्याज वित्त वर्ष 2020 में घटकर 8.1 फीसदी किया जा सकता है। इससे पहले मार्च में इस ब्याज को घटाकर 8.5 फीसदी किया गया था। सूत्रों के अनुसार इस मामले में इंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड ऑफिस (ईपीएफओ) जल्द ही लेबर मिनिस्ट्री के साथ एक बैठक करने वाला है। इसमें इस तरह का फैसला हो सकता है। ब्याज घटाने की सबसे वजह लॉकडाउन के चलते फिक्स इनकम में किए हुए निवेश पर कम ब्याज मिलना है। वैसे इसी साल मार्च के पहले हफ्ते में ईपीएफओ ने प्रोविडेंट फंड (पीएफ) पर 8.5 फीसदी ब्याज देने का फैसला किया था। हालांकि तब उसे फाइनेंस मिनिस्ट्री की मंजूरी नहीं मिली थी। फिलहाल ईपीएफओ के करीब 60 लाख सदस्य हैं।

बाजार का उतार चढ़ाव है दिक्कत
जानकारों के अनुसार, "बाजार में उतार चढ़ाव के चलते निवेश में आनी वाली दिक्कतों की वजह से ईपीएफओ ब्याज घटाने पर विचार कर रहा है। साथ ही कोरोना महामारी की वजह से कर्मचारियों का कॉन्ट्रिब्यूशन घटने और पैसा ज्यादा निकालने से भी ईपीएफओ पर दबाव बढ़ा है।"
कई जगह फंस गया है पैसा
इसके अलावा ईपीएफओ का पैसा भी कई जगह फंस गया है। ईपीएफओ अपने फंड का कई जगह निवेश करता है। लेकिन लॉकडाउन की वजह से कई कंपनियां ईपीएफओ को निवेश के बदले ब्याज तक नहीं चुका पा रही हैं। ऐसे में ईपीएफओ के लिए अच्छा दे पाना कठिन हो रहा है। यही कारण है कि ब्याज दरों को और घटाने की चर्चा चल रही है।
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