
Uttarakhand: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखंड सरकार प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के जरिए स्व सहायता समूह और कृषियेत्तर कार्यों के किसानों को दिए जाने वाले ब्याज रहित लोन की सीमा को 5 लाख रु से बढ़ाकर 10 लाख रु करने जा रही है। अभी तक समूहों को जीरो फीसदी ब्याज पर पांच लाख रु तक मिलते है।
वहीं एकल व्यक्ति को 3 लाख रु की सीमा है। जिसको बढ़ाकर 5 लाख रु तक दिए जाएंगे। यह सुविधा बेहतर काम करने वाले को ही दी जाएगी।
प्रदेश का सहकारिता विभाग इसका प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जल्द ही जिसे मंजूरी के लिए कैबिनेट में लाया जाएगा। सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत की तरफ से इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को निर्देश भी दिए गए हैं।
दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत राज्य में फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में 90 हजार 230 लाभार्थियों को 624 करोड़ 84 लाख रूपये का ब्याज रहित लोन दिया जा चुका है।
योजना के शुभारंभ से अभी तक 7 लाख से ज्यादा लाभार्थियों और 4 हजार 347 स्वयं सहायता समूहों को 4050.44 करोड़ रु का ऋण वितरित किया जा चुका है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य में 17 हजार 975 स्वयं सहायता समूहों, 1463 ग्राम संगठनों और 88 क्लस्टर फेडरेशनों का गठन किया गया है और उन्हें वित्तीय पोषित किया गया है।
60 हजार 343 महिला किसानों को चिह्नित कर फार्म लाइवलीहुड और महिला सशक्तीकरण योजना के तहत प्रशिक्षण दिया जा रहा है और क्षमता विकास किया जा रहा है।
साल 2025 तक प्रदेश सरकार ने राज्य में सवा लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का टारगेट तय किया गया है। जिनको मिशन की विभिन्न योजनाओ के जरिए से आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है।
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के अनुसार, पैक्स के जरिए गठित स्वयं सहायता समूहों को लाभान्वित करने के लिए और बेहतर कार्य करने वाले समूहों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के अनुसार, दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने से महिला सशक्तीकरण यह योजना बेहतर साबित हो सकती है। इसके साथ ही किसानों की आय बढ़ाने में भी काफी मददगार साबित होगी।


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