नई दिल्ली। देश की अन्य योजनाओं की तरह ही पीएम किसान स्कीम पर भी बेइमानों को नजर लग गई है। सरकार ने पीएम किसान स्कीम बनाई थी, तो साफ कर दिया था कि किसको इसके तहत पैसा मिलेगा। लेकिन अब जानकारी सामने आ रही है कि बहुत से ऐसे लोग भी इस स्कीम में पैसा ले रहे हैं, जो पात्र नहीं है। लगातार आ रही ऐसी शिकायतों के बाद अब केन्द्र सरकार ने इसे रोकने का कदम उठाया है। केन्द्र सरकार ने इसके लिए राज्यों से भी मदद मांगी है। उम्मीद है कि जल्द ही उन लोगों को पकड़ लिया जाएगा जो पात्र नहीं होने के बाद भी पीएम किसान योजना का पैसा ले रहे हैं।
आइये जानते हैं कि केन्द्र सरकार ने इसके लिए क्या तैयारी की है।
पीएम किसान योजना में किस कैटेगरी में ज्यादा फर्जीवाड़ा
पीएम किसान योजना के नियमों में साफ साफ लिखा है कि राज्य सरकार या केन्द्र सरकार के कर्मचारी पीएम किसान योजना का फायदा नहीं ले सकते हैं। इसके अलावा राज्य और केन्द्र सरकार के रिटायर कर्मचारी भी इस योजना का फायदा नहीं ले सकते हैं। लेकिन शिकायतों में सामने आ रहा है कि ऐसे ढेर सारे कर्मचारी और रिटायर लोग पीएम किसान योजना का पैसा ले रहे हैं। अब सरकार इनको पकड़ने के ऑनलाइन सिस्टम बनाने जा रही है। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।
केन्द्र और राज्य सरकारें मिलकर बना रही प्लानिंग
पीएम किसान योजना में फर्जी तरीके से पैसे लेने वालों को पकड़ने के लिए केन्द्र और राज्य सरकारें मिलकर काम कर रही हैं। ईटी में छपी एक खबर के अनुसार केन्द्र सरकार के कृषि मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा है कि फर्जी तरीके से पैसे लेने वाले किसानों की पहचान के लिए राज्य सरकारों की मदद से एक व्यवस्था कायम की जा रही है। इस अधिकारी के अनुसार कई लोग ऐसे सामने आए हैं, जो राज्य सरकार या केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं या रिटायर्ड हो चुके लोग हैं।
ऐसे पकड़ेंगे पीएम किसान का फर्जी तरीके से पैसे लेने वालों को
कृषि मंत्रालय ने पीएम किसान का योजना पैसा फर्जी तरीके से लेने वालों को पकड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए केंद्र सरकार के कर्मचारियों का डेटा शेयर करने के लिए पब्लिक फाइनेंशियल मैनजमेंट सिस्टम को कहा गया है। इससे ऐसे केन्द्र सरकार के कर्माचारियों की पहचान की जा सकेगी, जो पीएम किसान स्कीम का लाभ ले रहे हैं। कृषि मंत्रालय का कहना है कि ऐसी ही जानकारी राज्य सरकारों से लेने के लिए उन्हें भी पत्र लिखा जा रहा है।
आयकर विभाग से भी ली गई है मदद
आयकर विभाग से मदद लेकर भी कृषि विभाग ने बहुत से फर्जी पैसे लेने वालों की पहचान की है। पीएम किसान का पैसा लेने के लिए एक शर्त यह भी है, कि आप आयकरदाता न हों। अगर आप आयकर भरते हैं, तो आपको पीएम किसान स्कीम का पैसा नहीं मिलेगा। इस लिए आयकर विभाग की मदद से भी ऐसे फर्जी लोगों को पकड़ा जा रहा है।
क्या है पीएम किसान योजना
पीएम किसान सम्मान निधि योजना को केन्द्र सरकार का कृषि विभाग चलाता है। इस योजना के तहत देश के जरूरतमंद किसानों को हर साल 6000 रुपये दिए जाते हैं। यह पैसा किसानों के बैंक खाते में सीधे भेजा जाता है। हर 4 महीने में 2000 रुपये की किस्त दी जाती है। इस प्रकार साल में 3 किस्त में यह 6000 रुपया किसान के खाते में भेजा जाता है। पीएम किसान योजना में उन लोगों को शामिल नहीं किया गया है जो इनकम टैक्स भरते हैं, सरकारी कर्मचारी हैं, रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी हैं या फिर ग्रुप डी सरकारी कर्मचारी हैं। इसके अलावा प्रोफेशनल को भी इसमें शामिल नहीं किया जाता है। यहां पर प्रोफेशनल का मतलब डॉक्टर, वकील, सीए से है। इसके अलावा जनप्रतिनिधि, पूर्व सांसदों को भी इस स्कीम के तहत पैसा नहीं मिलता है। वहीं आर्थिक रूप से संपन्नन लोगों को भी इस योजना से बाहर रखा गया है। लेकिन लालच में आकर ऐसे कई लोग पीएम किसान योजना का लाभ ले रहे हैं। यह जानकारी सामने आने के बाद अब सरकार ने ऐसे फर्जी लोगों की धरपकड़ तेज कर दी है।


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