नई दिल्ली, मई 10। मोदी सरकार ने महिलाओं के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं का फायदा देश की करोड़ों महिलाओं को मिला है। मोदी सरकार की महिलाओं के लिए शुरू की गयी अहम योजनाओं में उज्ज्वला योजना, जनधन योजना आदि शामिल हैं। ऐसी ही एक और योजना है, जिसके तहत महिलाओं को आर्थिक मदद दी जाती है। ये है प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना। इस योजना का लाभ गर्भवती महिलाओं को मिलता है। आइए जानते हैं इस योजना की डिटेल।
क्या है प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शुरुआत 2017 में की गयी थी। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को सरकार की तरफ से 5000 रु की आर्थिक मदद दी जा रही है। ये पैसा तीन किस्तों में मिलता है। मगर यदि गर्भवती महिला की आयु 19 वर्ष से कम हो तो उसे इस योजना का लाभ नहीं दिया जाता। योजना के तहत मिलने वाला पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में आता है।
तीन किस्तों में मिलेंगे 5 हजार रु
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ पहली बार गर्भवती होने पर मिलता है। योजना के तहत पोषण के लिए गर्भवती महिला के खाते में 5000 रु दिए जाते हैं। 1000 रु की पहली किस्त गर्भधारण के पहले 150 दिनों के अंदर योजना के तहत रजिस्ट्रेशन कराने पर मिल जाएंगे। फिर दूसरी किस्त 2000 रु की होगी, जो बच्चे के जन्म से कम से कम एक जांच पहले होने पर मिलेगी। तीसरी और अंतिम 2000 रु की किस्त बच्चे के जन्म के बाद और उसके पहले टीका साइकिल पूरी होने पर दी जाएगी।
कौन ले सकता है फायदा
इस योजना का फायदा सभी महिलाओं को नहीं दिया जाता। बल्कि दिहाड़ी मजदूरी पर काम करने वाली महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकती हैं। या फिर आर्थिक तौर पर कमजोर महिलाएं भी इस योजना से फायदा उठा सकती हैं। असल में योजना का मकसद आर्थिक मदद देकर महिलाओं को आराम मुहैया करना है।
घर बैठे करें आवेदन
बाकी सरकारी योजनाओं की तरह इस योजना के लिए भी आप घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए आवेदन प्रोसेस को भी ऑनलाइन कर दिया है। यानी अब आप घर बैठे इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
कहां करे आवेदन
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए आवेदन करने के लिए www.Pmmvy-cas.nic.in पर लॉगिन करें और उसके बाद आवेदन करें। यह प्रोसेस ऑनलाइन है। ये काम आप घर बैठे कर सकते हैं। सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ वित्तीय वर्ष 2020 तक 1.75 करोड़ पात्र महिलाएं ले चुकी हैं। इस बात की जानकारी फरवरी महीने में संसद में दी गयी थी। वित्त वर्ष 2018 और 2020 के बीच कुल 1.75 करोड़ पात्र लाभार्थी महिलाओं को 5,931.95 करोड़ रु का भुगतान किया गया। इसके अलावा वित्त वर्ष 2020-21 में फरवरी तक 65.12 लाख महिलाओं को 2,063.70 करोड़ रु वितरित किए गए। इस बात की जानकारी महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने राज्यसभा को दी थी। सरकार के शुरुआती अनुमान के मुताबिक, इस योजना के जरिए प्रति वर्ष 51.70 लाख महिलाओं को लाभ पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।


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