नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना जरूरतमंदों को मुफ्त राशन देने के लिए शुरू की गई है। इस योजना का ऐलान कोरोना संकट के मद्देनजर गरीबों की मदद के लिए मार्च 2020 में किया था। ये एक कल्याणकारी योजना है। वास्तव में कोरोना को नियंत्रण में रखने के लिए लगाए गए लॉकडाउन से गरीब वर्ग बुरी तरह प्रभावित हुआ। इसीलिए सरकार ने अपनी तरफ से गरीबों को फ्री राशन देने के लिए ये योजना शुरू की थी। योजना के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से जरूरतमंदों के राशन दिया जाता है। आज से इस योजना के तहत यूपी में फ्री राशन मिलना शुरू होगा।
राशन कार्ड होना जरूरी
वैसे तो केंद्र सरकार की तरफ से इस योजना के तहत बिना राशन कार्ड के ही फ्री अनाज दिया जाता है। मगर उत्तर प्रदेश में सभी राशन कार्डधारकों को मुफ्त राशन मिलेगा। यूपी में सभी राशन कार्डधारकों को प्रति यूनिट 3 किलो गेहूं और और 2 किलो चावल मिलेंगे। ये राशन 2 चरणों में मिलेगा। पहले चरण में महीने की 5 से 14 तारीख तक और दूसरे चरण में 21 से 30 तारीख तक फ्री राशन दिया जाएगा। दूसरे चरण में राशन मिलने की आखिरी तिथि को आधार वेरिफिकेशन के जरिए अनाज न हासिल कर सकने वाले राशन कार्डधारकों के लिए मोबाइल ओटीपी वेरिफिकेशन के जरिए वितरण पूरा किया जाएगा।
कई राज्यों में राशन बंटना पहले से ही शुरू हो गया
दिल्ली सहित कई राज्यों और केंद्र शासित राज्यों ने नवंबर तक इस योजना को बढ़ाने के आदेश का पालन करते हुए मुफ्त राशन बांटना शुरू भी कर दिया है। यह योजना वैसे तो जून 2020 के अंत में समाप्त होने वाली थी, मगर देश के दस राज्यों ने केंद्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय से योजना की समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था। इसके लिए खाद्य आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने कहा था कि प्रस्ताव प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा। बाद में कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी।
नवंबर तक बढ़ाई गई स्कीम
जैसा कि बताया गया कि ये योजना जून तक के लिए थी, मगर पीएम मोदी ने 30 जून को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में इस योजना को नवंबर 2020 तक के लिए बढ़ाने का ऐलान किया ता। योजना को नवंबर तक बढ़ाने में 90000 करोड़ रु का अतिरिक्त खर्च आएगा। इससे देश के 80 करोड़ जरूरतमंद लोगों को फायदा मिलेगा। इस योजना का ऐलान 26 मार्च 2020 को तब किया गया थी, जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना महामारी के मद्देनजर राष्ट्र को दिए गए पहले भाषण में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का ऐलान किया था। अप्रैल से जून 2020 तक के लिए इस पर 1.70 लाख करोड़ रुपये का खर्च आने की बात कही गई थी।
किसानों का शुक्रिया अदा किया
प्रधानमंत्री ने इस खास योजना को कामयाब बनाने के लिए देश के किसानों और ईमानदार करदाताओं को धन्यवाद दिया था। 30 जून के अपने संबोधन में पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्ना योजना के लाभ पर कहा था कि सरकार ने सुनिश्चित किया कि कोई भी गरीब लॉकडाउन के दौरान खाली पेट न सोए। इसलिए हमने पीएम गरीब कल्याण योजना लॉन्च की। गरीब कल्याण योजना के लिए अनाज की खरीद के लिए 9 करोड़ किसानों को फंड ट्रांसफर किया गया।


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