प्रभाकर राघवन एक ऐसे शख्स है, जिन्होंने आईटी और टेक इंडस्ट्री में अपना बड़ा नाम बनाया है. गूगल ने हाल ही में इन्हें चीफ टेक्नोलॉजिस्ट बनाया है. वे अभी तक सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के रूप में काम कर रहे थें. उनकी सैलरी 300 करोड़ रुपये हैं. चलिए प्रभाकर के बारे में डिटेल में जानते हैं.

आईटी और टेक सेक्टर में कई भारतीयों ने अपना बड़ा नाम बनाया है. इनमें प्रभाकर राघवन भी शामिल है. प्रभाकर पहले गूगल में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के रूप में काम कर रहे थे. जहां वे असिस्टेंट, विज्ञापन और पेमेंट प्रोडक्ट्स का काम देखते थें.
आईआईटी मद्रास से की पढ़ाई
प्रभाकर का जन्म भोपाल में हुआ है. वे वहीं पले-बढ़े थे. प्रभाकर ने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई कैंपियन स्कूल से की थी. जिसके बाद वे साल 1981 में आगे की पढ़ाई के लिए आईआईटी मद्रास में शामिल हुए थे. यहां उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया था. जिसके बाद प्रभाकर ने अमेरिका के कैलिफोर्निया से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी की थी.
इसके साथ ही प्रभाकर ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में कंसल्टिंग प्रोफेसर के रूप में काम किया है.
याहू लैब का भी किया है निर्माण
इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक प्रभाकर राघवन ने याहू लैब का निर्माण किया था. यह भी कह सकते हैं कि वे याहू लैब के संस्थापक रह चुके हैं. वे याहू लैब के लिए कई सालों तक काम करते रहें. वे यहां एड रैंकिंग, सर्च और मार्केटप्लेस डिजाइन का काम किया करते थे.
गूगल में ये कार्य संभालते थे राघवन
प्रभाकर पहले गूगल में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के रूप में काम करते थे. जिसके लिए उन्हें गूगल की तरफ से सालाना 300 रुपये सैलरी मिलती थी. लेकिन अब उनका पद और भी बढ़ा दिया गया है. अब गूगल ने उन्हें चीफ टेक्नोलॉजिस्ट बना दिया है.
हालांकि उन्हें अब कितनी सैलरी मिलने वाली है. इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है.
इसके साथ ही प्रभाकर को एल्ग्रोरिदम, वेब सर्च और डेटाबेस में 20 साल से ज्यादा का अनुभव है. इसके साथ ही उन्होंने विश्व स्तरीय कंप्यूटर साइंस की है. वेब सर्च, एल्ग्रोरिदम और डेटाबेस को लेकर प्रभाकर ने 100 से ज्यादा रिसर्च पेपर पब्लिश किए है.
क्या काम करता है गूगल?
गूगल इंटरनेट के जरिए कई सेवा प्रदान करता है. आज गूगल कई अलग-अलग तरह के ऐप में अवेलेबल है. ये एक अमेरिकी बहुराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कंपनी है. गूगल की स्थापना लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन ने की थी. इन दोनों की लोग आज गूगल गाइस के नाम से जानते हैं.
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