PPF : सिर्फ फायदे नहीं नुकसान भी हैं, निवेश से पहले जरूर जानें

नई दिल्ली, जुलाई 16। पीपीएफ भारत के नागरिकों के लिए निवेश का एक सबसे भरोसेमंद और बचत ऑप्शन रहा है। हालांकि, बचत के लिए सबसे भरोसेमंद निवेश ऑप्शन होने के बावजूद इसके कुछ नुकसान भी हैं। इसलिए आपको निवेश करते समय पीपीएफ के नुकसानों के बारे में भी पता होना चाहिए। आइए एक नजर डालते हैं पीपीएफ खाते के कुछ नुकसानों पर।

बहुत अधिक नहीं है ब्याज दर

बहुत अधिक नहीं है ब्याज दर

पीपीएफ पर 7.1 फीसदी ब्याज दर ऑफर की जा रही है। मौजूदा एफडी रेट के मुकाबले ये अच्छी नहीं है। पर हां पहले पीपीएफ पर 12 फीसदी तक ब्याज मिलता था। तब ये एक शानदार ऑप्शन था, मगर उस ब्याज दर के मुकाबले मौजूदा दर काफी कम है। एक और बात कि म्यूचुअल फंड जैसे ऑप्शन से आप कम रिस्क के साथ अच्छा रिटर्न हासिल कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड स्कीमें 20-25 फीसदी सालाना रिटर्न आराम दे सकती हैं।

नहीं खुलवा सकते जॉइंट अकाउंट

नहीं खुलवा सकते जॉइंट अकाउंट

एफडी और म्यूचुअल फंड में आपको जॉइंट अकाउंट की सुविधा मिलती है। मगर पीपीएफ खाते को आप संयुक्त रूप से नहीं खोल सकते। इसी के कारण ये फैमिली सेविंग्स के लिए अच्छा ऑप्शन नहीं है। पीपीएफ खाता आप अकेले खोल सकते हैं। आपके जीवनसाथी को इसके लिए अलग से खाता खोलना होगा। पर हां किसी नाबालिग के नाम पर आप पीपीएफ खाता खोल सकते हैं।

एक सीमा से अधिक निवेश नहीं कर सकते

एक सीमा से अधिक निवेश नहीं कर सकते

ये इसकी सबसे बड़ी खामियों में से एक है। अधिकतम निवेश के लिए पीपीएफ में लिमिट तय है। यदि आप लंबी अवधि में एक बड़ा फंड जमा करना चाहें तो पीपीएफ शायद उतना बेहतर न रहे, क्योंकि पीपीएफ में आप एक वित्त वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख रुपये का निवेश कर सकते हैं। वहीं ईएलएसएस जैसे विकल्प में अधिकतम निवेश जैसी कोई लिमिट नहीं होती है। उनमें भी आपको 1.5 लाख रु तक टैक्स बेनेफिट मिलेगा।

मैच्योरिटी का बहुत लंबा समय

मैच्योरिटी का बहुत लंबा समय

पीपीएफ लिक्विडिटी (जरूरत के समय तुरंत पैसा मिलना) के लिए ठीक नहीं है। क्योंकि इसमें से आप जल्दी से पैसा नहीं निकाल सकते। पीपीएफ अकाउंट में आपका पैसा 15 वर्षों में मैच्योर होता है। इसमें से आप समय से पहले पैसा कुछ शर्तों के साथ ही निकाल सकते हैं। पर म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार जैसे ऑप्शन की सुविधा आपको यहां नहीं मिलेगा।

ईपीएफ और पीपीएफ

ईपीएफ और पीपीएफ

यदि कोई पहले से ही ईपीएफओ का सदस्य है और ईपीएफ में योगदान दे रहा है तो पीपीएफ से उका टैक्स बेनेफिट सीमित हो जाएगा। वहीं ईपीएफ पर ब्याज दर अधिक है, जबकि पीपीएफ पर ब्याज दर कम है। ऐसे में वीपीएफ के जरिए ही कोई ईपीएफ में अपना योगदान बढ़ा सकता है और ऊंची ब्याज दर का फायदा ले सकता है।

कैसे खोलें खाता
ज्यादातर बैंक ऑनलाइन पीपीएफ अकाउंट खोलने की सुविधा देते हैं। आप अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस में भी ऑफलाइन पीपीएफ खाता खोल सकते हैं। अपने करीबी पोस्ट ऑफिस से आवेदन पत्र प्राप्त करें। फॉर्म भरें और इसे आवश्यक केवाईसी दस्तावेजों और पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ के साथ जमा करें। पोस्ट ऑफिस पीपीएफ खाता खोलने के लिए आवश्यक शुरुआती जमा राशि 500 रु है। शुरू में अनुमत अधिकतम जमा राशि 70,000 रु है।

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