PPF vs NPS Investment: आज के समय में लोग इंवेस्टमेंट (Investment) पर ध्यान देने लगे हैं। लोगों का इनवेस्टमेंट की ओर ध्यान देना जरुरी भी है, क्योंकि आज के महंगाई के दौर में इनवेस्टमेंट ही बेहतर संतुलन बनाने में सहायक हो सकता है। लोग इनवेस्टमेंट पर तो फोकस कर रहे हैं लेकिन कई बार लोग निवेश के विकल्पो को लेकर असमंजस में रहते हैं। रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए लोग कई बार पीपीएफ (Public Provident Fund) और एनपीएस (National Pension System) में इंवेस्ट करने को लेकर कंफ्यूज हो जाते हैं। आज हम आपको इन दोनों निवेश विकल्पो के विषय में विस्तार से बताएंगे।

NPS और PPF क्या है
एनपीएस (राष्ट्रीय पेंशन योजना) एक स्वैच्छिक रिटायरमेंट बचत योजना है। यह एक सरकारी योजना है जिसे नागरिकों को अपने कामकाजी जीवन के दौरान भविष्य के लिए निवेश करने के लिए डिजाइन किया गया है। वहीं पीपीएफ सरकार के माध्यम से शुरू की गई एक लॉन्ग टर्म बचत निवेश योजना है। यह रिटायरमेंट के लिए पैसे जमा करने का एक बेहतर विकल्प मानी जाती है। दोनो ही प्लान सरकार द्वारा समर्थित हैं। चलिए इनमें निवेश से मिलने वाले रिटर्न की तुलना करते हैं।

NPS और PPF में कहा मिलेगा बेहतर रिटर्न
- जानकारों के मुताबिक पीपीएफ अधिक सुरक्षित निवेश विकल्प है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह सरकार द्वारा निर्धारित एक निश्चित रिटर्न लॉन्ग टर्म बचत योजना है। बात अगर एनपीएस की करें तो यह निश्चित रिटर्न देने वाला निवेश नहीं है। एनपीएस का रिटर्न बाजार के जोखिमो से जुड़ा हुआ है।
- NPS में निवेश का 60 प्रतिशत हिस्सा एकमुश्त रिटायरमेंट के समय लिया जा सकता है। 40 प्रतिशत राशि का उपयोग एन्यूटी खरीदने के लिए किया जाता है। बात अगर PPF की करें तो इसमें निवेश की राशि निकालने की कोई सीमा नहीं है। पीपीएफ को परिपक्व होने की अवधि 15 वर्ष है।

- PPF में निवेश टैक्स सेविंग के नजरिए से भी बेहतर हैं। पीपीएफ में निवेश की गई राशि और उसपर मिलने वाले ब्याज पर किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं लगता है। इनकम टैक्स की धारा 80सी के तहत इसपर छूट मिलती है।
- पीपीएफ और एनपीएम में एक विशेष अंतर यह भी है कि NRI एनपीएस में कर सकते हैं। यह सुविधा पीपीएफ में उपलब्ध नहीं है।
- पीपीएफ खाते में 500 से 1.5 लाख रुपये तक सलाना निवेश कर सकते हैं। एनपीएस में यह कर्मचारियों के वेतन का 20 प्रतिशत हो सकता है।


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