नयी दिल्ली। पुरानी कहावत है कि पैसे से पैसा कमाया जाता है। इसके लिए निवेश काफी अच्छा ऑप्शन है। मगर सही निवेश विकल्प मिलना अक्सर लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है। वे नहीं जानते कि उनके लिए कौन सा निवेश ऑप्शन बढ़िया है। आपका निवेश का फैसला या तो आपको मालामाल बना सकता है, मगर गलत निर्णय आपको बर्बाद भी कर सकता है। इसलिए निवेश से पहले सभी पहलूओं पर नजर डालना जरूरी है, जिनमें रिटर्न, टैक्स, जोखिम और अवधि शामिल हैं। निवेश ऑप्शन को सावधानी से चुनना जरूरी है। फिक्स्ड डिपॉजिट्स (एफडी) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) दो बेहद आम निवेश विकल्प हैं, जिनमें निवेशकों को कई प्रकार के फायदे और गारंटीड रिटर्न मिलता है। जोखिम से बचने वाले निवेशकों के लिए दोनों ही ऑप्शन हैं। मगर इनमें आपके लिए कौन-सा बढ़िया ऑप्शन है। इसके लिए इनके बीच के अंतर को जानना जरूरी है। इसी से आप अपने लिए सही विकल्प चुन सकते हैं।
मैच्योरिटी अवधि
पीपीएफ में मैच्योरिटी अवधि अधिकतम 15 वर्षों की होती है, जो एक काफी लंबी समय है। दूसरी तरफ फिक्स्ड डिपॉजिट में आप अपनी आवश्यकता के आधार पर 7 दिनों से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए पैसा लॉक कर सकते हैं। इससे निकट भविष्य की तैयारी में और स्थिरता आ सकती है। अब आपके लिए क्या जरूरी है ये सिर्फ आप ही तय कर सकते हैं।
कितना मिलेगा ब्याज
ये दोनों ऑप्शन ब्याज वाले हैं। पीपीएफ पर इस समय 7.1 फीसदी ब्याज मिलेगा, जबकि अलग-अलग बैंक और एनबीएफसी कम-ज्यादा ब्याज देंगी। इसलिए आपको इसके लिए थोड़ी जानकारी जुटानी होगी। कई स्मॉल फाइनेंस बैंक आपको 7.5 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे सकते हैं, जबकि कॉर्पोरेट एफडी पर आपको 9 प्रतिशत तक की ब्याज दर मिल सकती है।
समय से पहले निकासी की सुविधा
पीपीएफ में 5 साल बाद जमा राशि निकालने की अनुमति होती है। कुछ बैंक भी एफडी की मैच्योरिटी से पहले पैसा निकालने की सुविधा देते है। मगर इसके लिए आपसे जुर्माना लिया जा सकता है।
एफडी और पीपीएफ पर लोन
आप पीपीएफ में अकाउंट खोलने की तारीख से 3 साल बाद लोन ले सकते हैं। वहीं बैंक भी फिक्स्ड डिपॉजिट के मामले में ओवरड्राफ्ट ऑप्शन देते हैं जो एफडी बैलेंस के 90 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
टैक्सेशन
आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत आपको टैक्स सेविंग्स एफडी और पीपीएफ दोनों पर छूट मिल सकती है। आपको इन दोनों ही ऑप्शनों पर 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिल सकती है।
अधिकतम जमा राशि
कुल राशि जो कोई व्यक्ति पीपीएफ में जमा कर सकता है वह सालाना 1.5 लाख रुपये तक सीमित है। यानी आप किसी वित्त वर्ष में पीपीएफ में 1.5 लाख रु से अधिक जमा नहीं कर सकते। मगर फिक्स्ड डिपॉजिट में ऐसी कोई लिमिट नहीं होती। आप एफडी में करोड़ों रु भी जमा कर सकते हैं। कुछ बैंक या वित्तीय संस्थान एफडी में निवेश की न्यूनतम लिमिट रखते हैं। यानी आप उससे कम पैसों से एफडी नहीं करा सकते। तो इन सभी बातों के मद्देनजर आप अपने लिए सही विकल्प चुन सकते हैं। ये बात साफ है कि एफडी पर कुछ बैंकों में आपको पीपीएफ के मुकाबले ज्यादा रिटर्न मिल सकता है।
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