नयी दिल्ली। कोरोनावायरस महामारी के कारण सरकार ने सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) खाताधारकों को वित्त वर्ष 2019-20 के लिए न्यूनतम पैसे जमा करने के लिए 30 जून 2020 तक तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया था। आप वित्त वर्ष 2019-20 के लिए अपने पीपीएफ खाते में अधिकतम 1.5 लाख रु तक निवेश कर सकते हैं। ध्यान रहे कि अधिकतम राशि जमा करते समय पीपीएफ खाताधारकों को बढ़ी हुई अवधि में पैसा जमा करने पर अंडरटेकिंग भी देनी होगी। अगर आपका इरादा इतनी बड़ी राशि जमा करने का नहीं है तो आपको न्यूनतम राशि जमा करनी होगी। पीपीएफ संबंधी नियमों के अनुसार खाताधारकों को 30 जून तक कम से कम 500 रुपये जमा करने होंगे। अगर सरकार ने समय न बढ़ाया होता तो आपको 31 मार्च तक ये न्यूनतम राशि जमा करनी होती। फिलहाल अगर आपने 30 जून तक न्यूनतम सालाना निवेश राशि जमा नहीं की तो आप पर इसके लिए जुर्माना लगाया जा सकता है।
ऐसे बढ़ाएं खाते की मैच्योरिटी
वे पीपीएफ सब्सक्राइबर जिनके खाते 31 मार्च 2020 को मैच्योर हो गए और वे लॉकडाउन के कारण अपने खातों मैच्योरिटी नहीं बढ़ा सके ऐसे खाताधारक अपने पीपीएफ अकाउंट की मैच्योरिटी 30 जून तक बढ़ा सकते हैं। पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने पीपीएफ खाताधारकों के फायदे के लिए कुछ नियमों में बदलाव किया था। जैसे कि अब एक खाताधारक किसी भी वित्तीय वर्ष में 50 रु के गुणज में जितनी मर्जी बार अपने पीपीएफ खाते में पैसा जमा कर सकता है। हालांकि अधिकतम राशि 1.5 लाख रु ही रहेगी। पहले आप किसी साल में सिर्फ 12 बार ही पैसा जमा कर सकते थे।
पीपीएफ पर सस्ता लोन
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आपको पीपीएफ खाते पर लोन भी मिल सकता है। सरकार ने पीपीएफ बैलेंस पर लिए गए ऋण पर लगने वाली ब्याज दर को पहले के 2 फीसदी से घटा कर 1 फीसदी कर दिया है। जहां तक रिटर्न का सवाल है तो आपको इस योजना में 7.1 फीसदी सालाना ब्याज दर मिलेगी। पीपीएफ अकाउंट 15 साल के लिए खोला जा सकता है। मगर आप इसकी मैच्योरिटी अवधि को 5-5 सालों के लिए बढ़वा सकते हैं। इसके लिए आपको पोस्ट ऑफिस के अलावा संबंधित बैंक में आवेदन करना होगा। आवेदन में मैच्योरिटी वाले साल में फॉर्म 15एच भरना होता है।
जानिए पीपीएफ के टैक्स नियम
पीपीएफ एक ईईई स्कीम है। ईईई यानी छूट-छूट-छूट। इसका मतलब है कि आपको पुरानी टैक्स व्यवस्था में पीपीएफ पर निवेश, मिलने वाले ब्याज और मैच्योरिटी राशि तीनों पर टैक्स से छूट मिलती है। नई टैक्स व्यवस्था में आपको पीपीएफ में निवेश पर टैक्स छूट नहीं मिलेगी, मगर फिर भी आपको भविष्य में मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी राशि टैक्स मुक्त होगी। तो बात साफ हो गई कि टैक्स बेनेफिट पीपीएफ पर अब भी मिलेगा, मगर सिर्फ ब्याज और मैच्योरिटी राशि पर। नए टैक्स सिस्टम में ये स्कीम ईईई नहीं रही।
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