नई दिल्ली, सितंबर 13। लंबी अवधि के निवेश के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) हमेशा से ही एक बेहतर विकल्प माना जाता है। पीपीएफ में निवेश पूरी तरह से सुरक्षित होता है, क्योंकि इसका बाजार के जोखिमों से कुछ लेना देना नहीं होता है। सभी टैक्स पेयर्स के लिए यह एक बेहतर निवेश विकल्प है क्योंकि पीपीएफ में निवेश पर टैक्स में भी छूट मिलता है। पीपीएफ पर मिलने वाले ब्याज और मैच्योरिटी राशि पर भी टैक्स नहीं लगता है।
लंबी अवधि का निवेश विकल्प है पीपीएफ
जो लोग नौकरी नहीं करते हैं, या जिनका खुद का व्यापार है, वो लोग ईपीएफओ के दायरे में नहीं आते हैं। इन सभी के लिए पीपीएफ में निवेश करना एक बेहतर विकल्प है। जो लोग असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। वो अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए लंबी अवधि के निवेश विकल्प पीपीएफ को चुन सकते हैं।
रोज का 100 रुपया बना जाएगा 10 लाख
अगर कोई व्यक्ति प्रतिदिन 100 रुपये जमा करता हैं तो एक साल में उसकी जमा राशि 36500 रुपये होगी। अभी पीपीएफ में निवेश पर 7.1 प्रतिशत का ब्याज दर मिल रहा है। अगर व्यक्ति निवेश 15 साल के जारी रखता है और ब्यजा दर 7.1 प्रतिशत ही रहता है तो 15 साल बाद उसे 9.89 लाख रुपए मिलेंगे। 15 सालों में रोजाना 100 रुपए निवेश की वैल्यू 547500 रुपए होगी और निवेशक को इस जमा पूंजी पर 442431 रुपए का ब्याज मिलेगा। मौच्योरिटी पर मिलने वाला यह पूरा पैसा टैक्स फ्री होता है। पीपीएफ खाते में हर साल 1.5 लाख रुपए का निवेश किया जा सकता है।
तीन तरह से मिलता है लाभ
निवेशकों को पीपीएफ में निवेश करने पर तीन तरह के लाभ टैक्स लाभ मिलते हैं। पहला निवेश की गई राशि पर कोई टैक्स नहीं लगता है, दूसरा निवेश पर मिलने वाला ब्याज भी टैक्स के दायरे में नहीं आता है, और तिसरा यह की मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशी भी टैक्स फ्री होती है।
15 साल बाद बंद कर सकते हैं खाता
मैच्योरिटी के बाद पूरा पैशा आपका होता है। इस राशि का उपयोग आप अपनी किसी भी जरूरतों को पूरा करने के लिए कर सकते हैं। पैसे को बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने के लिए आपको अपने बैंक या पोस्ट ऑफिस में फॉर्म सबमिट करना होगा। फार्म में पीपीएफ और सेविंग एकाउंट की डिटेल होगी। फार्म के साथ आपको ओरिजन पासबूक और कैंसल्ड चेक जमा करना होगा।


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