नई दिल्ली, सितंबर 12। पब्लिक प्रोविडेंट फंड पीपीएफ में निवेश पर आपको किसी भी तरह का टैक्स नहीं देना होता है। इनकम टैक्स की धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक के निवेश की रकम के ब्याज, पर टैक्स पर छूट मिलती है। वर्तमान में इस स्कीम में निवेश करने पर ग्राहकों को 7.1 प्रतिशत ब्याज मिलता है। मौजूदा समय में फिक्स डिपॉजिट से ज्यादा ब्याज पीपीएफ पर मिल रहा है।
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट स्कीम पर सलाना 6.8 प्रतिशत का ब्याज (चक्र वृद्धि ब्याज) मिलता है। यह स्कीम अच्छे रिटर्न की गारंटी देता है। इनकम टैक्स की धारा 80सी के तहत इस पर हुई कमाई पर टैक्स से राहत मिलता है। नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट की मेच्योरिटी की पीरियड 5 साल की होती है। एनएससी में न्यूनतम निवेश राशि 100 रुपये और अधिकतम निवेश राशि की कोई सीमा नहीं है।
सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम
यह स्कीम उन लोगों की मदद के लिए है जो 60 साल की उम्र की सीमा पार कर चुके हैं। वे लोग जिनको मासिक पेंशन नहीं मिलती या फिर किसी अन्य माध्यम से उनके पास पैसे का इनकम का साधन नहीं है। वे लोग 15 लाख रुपये तक की राशि एससीएसएस अकाउंट में जमा कर हर तिमाही ब्याज का लाभ उठा सकते हैं। इस स्कीम में निवेश करने वाले लोग ब्याज की रकम अपने लिंक खाते से निकासी कर सकते हैं। इस स्कीम में निवेश की गई मूलधन राशि मैच्योरिटी पूरी होने के बाद रिटर्न कर दी जाती है। यह सीनियर सिटिजन के ऊपर है कि नए सिरे से दोबारा इसी स्कीम में निवेश कर नया अकाउंट ले सकते हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना
सरकरा द्वारा लड़कियों की सुरक्षा के लिए चलाई जा रही इस स्कीम में है में पीपीएफ की तरह एक्जेम्प्ट-एक्जेम्प्ट-एक्जेम्प्ट का टैक्स दर्जा हासिल है. अगर ब्याज की बात करें तो इस स्कीम पर बैंक एफडी के मुकाबले बहुत ही बेहतर 7.6 फीसदी का सालाना ब्याज मिलता है.
किसान विकास पत्र
इस सरकारी स्कीम में निवेश करने पर ग्राहक को 6.9 फीसदी सालाना ब्याज दिया जाता है। इस निवेश स्कीम के मैच्योर होने की अवधि 124 महीने की है। इस योजना में न्यूनतम निवेश की राशि की सीमा 1,000 रुपये और अधिकतम निवेश राशि की कोई सीमा तय नहीं है। हालांकि इसपर भी टैक्स में छूट मिलता है।


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