नयी दिल्ली। पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वालों के लिए बुरी खबर है। पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं की ब्याज दरों में भारी कटौती की गयी है। इन योजनाओं की ब्याज दरों में 50 से 110 बेसिस पॉइंट्स (यानी 0.50 फीसदी से लेकर 1.10 फीसदी तक) की कटौती की गयी है। साल 2020 फिक्स्ड इनकम निवेशकों के लिए काफी बुरा रहा था। अब 2021 में भी सरकार ने ऐसे निवेशकों को झटका दिया है। पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कटौती की घोषणा कर दी गयी है। जानिए किस योजना पर कितना ब्याज मिलेगा।
कितना मिलेगा ब्याज
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बचत जमा पर 4 फीसदी ब्याज मिल रहा था। मगर अब 3.5 फीसदी ब्याज मिलेगा। 1 वर्षीय टाइम डिपॉजिट पर 5.5 फीसदी के बजाय 4.4 फीसदी, 2 वर्षीय टाइम डिपॉजिट पर 5.5 फीसदी के बजाय 5 फीसदी, 3 वर्षीय टाइम डिपॉजिट पर 5.5 फीसदी के बजाय 5.1 फीसदी, 5 वर्षीय टाइम डिपॉजिट पर 6.7 फीसदी के बजाय 5.8 फीसदी, 5 वर्षीय रेकरिंग डिपॉजिट पर 5.8 फीसदी के बजाय 5.3 फीसदी और 5 वर्षीय सीनियर सिटिजेन सेविंग स्कीम पर 7.4 फीसदी के बजाय 6.5 फीसदी ब्याज मिलेगा
जानिए बाकी योजनाओं की ब्याज दर
पोस्ट ऑफिस की 5 वर्षीय मासिक आय खाता पर 6.6 फीसदी के बजाय 5.7 फीसदी, 5 वर्षीय नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर 6.8 फीसदी के बजाय 5.9 फीसदी, पीपीएफ पर 7.1 फीसदी के बजाय 6.4 फीसदी, किसान विकास पत्र पर 6.9 फीसदी के बजाय 6.2 फीसदी और सुकन्या समृद्धि योजना पर 7.6 फीसदी के बजाय 6.9 फीसदी ब्याज मिलेगा।
अब कब हो सकता है बदलाव
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पोस्ट ऑफिस बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा अब जून 2021 के आखिर में होगी। तब 2021 की जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए ब्याज दरों पर निर्णय लिया जाएगा। पोस्ट ऑफिस बचत योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज की समीक्षा हर तिमाही में होती है। कल से नई तिमाही शुरू होने जा रही है, इसलिए आज ही दरों का ऐलान कर दिया गया है।
अंतिम बार कब हुआ था बदलाव
इससे पहले आखिरी बार 2020 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कटौती की गयी थी। तब इन दरों में 70-140 बेसिस पॉइंट्स कम किए गए थे। इसके बाद जुलाई-सितंबर, अक्टूबर-दिसंबर और जनवरी-मार्च 2021 की तिमाही के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया था।
ऐसे तय होती हैं ब्याज दरें
जैसा कि ऊपर बताया गया सरकार हर तीन महीनों में छोटी बचत योजनाओं पर दी जाने वाली ब्याज दरों की समीक्षा करती है। छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को तय करने का फॉर्मूला श्यामला कमेटी ने दिया था। कमेटी ने यह सुझाव दिया था कि विभिन्न योजनाओं पर ब्याज दर समान परिपक्वता अवधि वाले सरकार के बॉन्ड्स के यील्ड से 0.25 फीसदी से लेकर 1 फीसदी अधिक होना चाहिए।
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