
Post Office : पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाएं भारतीय जमाकर्ताओं के बीच काफी लोकप्रिय होती हैं। ये काफी भारतीयों के फाइनेंशियल पोर्टफोलियो का हिस्सा होती हैं। इन स्कीमों पर निवेशकों को अच्छी खासी ब्याज दर ऑफर की जाती है। ये स्कीमें, जिनमें पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना आदि शामिल हैं, छोटे खाताधारकों, सभी आयु के निवेशकों और आर्थिक रूप से कमजोर और अशिक्षित लोगों सभी के लिए बेहतर हैं। कमाई करने वाले प्रोफेश्नल भी अपने निवेश पर अच्छा ब्याज हासिल कर सकते हैं। पर इनकी ब्याज दर की समीक्षा हर तीन महीनों में की जाती है। अब 1 अप्रैल से पोस्ट ऑफिस की स्कीमों की ब्याज दरें बदल सकती हैं।
कैसे तय होती हैं ब्याज दरें
सरकार हर तीन महीने में पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं पर ऑफर की जाने वाली ब्याज दरों की समीक्षा करती है। छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को तय करने का फॉर्मूला श्यामला कमेटी ने दिया था। कमेटी ने यह सुझाव दिया था कि विभिन्न योजनाओं पर ब्याज दर समान परिपक्वता अवधि वाले सरकार के बॉन्ड्स के यील्ड से 0.25 फीसदी से लेकर 1 फीसदी अधिक होना चाहिए।

1 अप्रैल को बदल सकती हैं दरें
सरकार हर तिमाही की शुरुआत में इन ब्याज दरों की समीक्षा करती है और फिर समीक्षा के बाद इनमें बदलाव किया जाता है। यानी कटौती या बढ़ोतरी। ऐसा भी होता है कि इनकी दरों में कोई बदलाव न किया जाए। अब 1 अप्रैल से नयी तिमाही शुरू हो रही है तो संभव है कि पोस्ट ऑफिस की स्कीमों की दरों में बदलाव किया जाए। जानकारों का अनुमान है कि कटौती की संभावना फिलहाल नहीं है। हो सकता है कि सरकार कुछ स्कीमों की दरें बढ़ाए या कोई बदलाव न करे।
चेक करें स्कीमों की ब्याज दरें
- वरिष्ठ नागरिक बचत योजना : 8.0 फीसदी
- मासिक आय योजना : 7.1 फीसदी
- राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र : 7.0 फीसदी
- किसान विकास पत्र : 7.2 फीसदी (इस स्कीम में 120 महीने में पैसा डबल हो जाएगा)

ये हैं बाकी योजनाएँ
- बचत जमा खाता : 4.0 फीसदी
- पांच वर्षीय आवर्ती जमा (रेकरिंग डिपॉजिट या आरडी) : 5.8 फीसदी
- सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) : 7.1 फीसदी
- सुकन्या समृद्धि खाता : 7.6 फीसदी

ये हैं टाइम डिपॉजिट की दरें
- 1 साल की टाइम डिपॉजिट : 6.6 फीसदी
- 2 साल की टाइम डिपॉजिट : 6.8 फीसदी
- 3 साल की टाइम डिपॉजिट : 6.9 फीसदी
- 5 साल की टाइम डिपॉजिट : 7.0 फीसदी


Click it and Unblock the Notifications