नयी दिल्ली। कोरोनावायरस के मद्देनजर जब से लॉकडाउन के शुरू हुआ है तब से प्रवासी मजदूरों का मु्द्दा काफी गर्म रहा है। यूपी-बिहार जैसे राज्यों के प्रवासी मजदूरों को अपने गृह राज्य पहुंचाने में अब तक सरकार कामयाब नहीं हो पाई है। सैकड़ों-हजारों मजदूर कई हजार किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर हो गए। वहीं इस बीच एक अनोखा मामला सामने आया है। एक तरफ जहां मजदूर ट्रेन से भी अपने घरों को नहीं पहुंच पा रहे वहीं एक जहाज ने 180 सीटों वाले प्लेन में सिर्फ 4 लोगों को उनके घर पहुंचाया। जी हां 180 सीटों वाले एयरक्राफ्ट ने 4 लोगों के एक परिवार को चंद घंटों में दिल्ली से भोपाल और भोपाल से दिल्ली पहुंचा दिया। एक अमीर के परिवार के इन चार लोगों में एक महिला, दो बच्चे और एक नैनी शामिल रही।
करीब 10 लाख रु रहा किराया
घरेलू और चार्टर फ्लाइट को मंजूरी मिल गई है। इसी के मद्देनजर पश्चिमी भारत की एक अमीर परिवार के 4 लोगों के लिए 180 सीटों वाला विमान बुक किया गया, जिसने सोमवार को सुबह 9.05 बजे दिल्ली से भोपाल के लिए उड़ान भरी। ये विमान, जिसमें 4 लोगों के अलावा सिर्फ क्रू था, सुबह 10.30 बजे भोपाल पहुंचा। इसने फिर 11.30 बजे उड़ान भरी और 12.55 बजे दिल्ली पहुंच गया। विमान इंडस्ट्री के एक जानकार बताते हैं कि इस प्लेन का किराया करीब 10 लाख रु हो सकता है। A320 को किराए पर लेने की लागत 4 रुपये से 5 लाख रुपये प्रति घंटे (विमान ईंधन मूल्य के आधार पर) के बीच आती है। दिल्ली-मुंबई-दिल्ली चार्टर पर लगभग 16-18 लाख रुपये खर्च होंगे।
अमीरों को भीड़ में सफर करने से डर
एक एयरलाइन अधिकारी के मुताबिक कई अमीर व्यक्ति और कंपनियां हैं जो महामारी के दौरान अन्य भीड़-भाड़ में अन्य यात्रियों के साथ सफर करने को लेकर चिंतित हैं। इस बीच एयरलाइंस और चार्टर कंपनियों के पास इन दिनों चार्टर विमानों के लिए काफी सवाल आ रहे हैं। वैसे भी इस समय भारत में विमान ईंधन की कीमत काफी कम है, जो एयरलाइन कंपनियों के लिए इकलौती बड़ी लागत है। इसलिए एयरलाइन और चार्टर कंपनियां ऐसे उचित दामों पर प्राइवेट बुकिंग दे रही हैं जिनका भुगतान करने में अमीरों / कॉर्पोरेट्स को कोई आपत्ति नहीं है।
चार्टर उड़ानों की मांग बढ़ी
मौजूदा स्थिति के मद्देनजर पिछले कुछ समय में चार्टर उड़ानों की मांग बढ़ी है। बेंगलुरु एयरपोर्ट ने इसी हफ्ते में सोमवार से बुधवार के बीच तीन चार्टर उड़ानों को संभाला है। बता दें कि भोपाल-दिल्ली मामले की ही तरह तीन लोगों के परिवार लिए यूरोप से भारत की फ्लाइट बुक की गई थी, जिसकी खर्चा करीब 80 लाख रु आई होगी। बहरहाल वर्तमान में शेड्यूल की गई घरेलू उड़ानें औसतन आधी भरी हुई जा रही हैं। विभिन्न राज्यों में अलग-अलग क्वारंटाइन और टेस्टिंग नियमों से लोगों की तरफ से मांग में भी कमी आई है।


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