Remember these things before installing CNG in the vehicle or installing EV kit: बढ़ती सर्दी के साथ एयर क्वालिटी भी गिरती जा रही है र राजधानी दिल्ली में ज्यादा गाड़ियों के कारण प्रदूषण और भी बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (एनसीआर) में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को छोड़कर सभी बीएस 3 और बीएस 4 वाहनों पर प्रतिबंध, लोगों और वाहन निर्माताओं के लिए एक झटका बताया जा रहा है। जो लोग नए वाहन नहीं खरीद सकते, जो लोग अपनी गाड़ियों को बदल नहीं सकते हैं, वह उन्हें सीएनज या फिर इलेक्ट्रिक व्हीकल में कन्वर्ट करवा रहे हैं।
यदि आप ऐसे किसी विकल्प पर विचार कर रहे हैं, तो यह न भूलें कि इसका आपके वाहन बीमा कवर पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। वैध बीमा पॉलिसी के बिना कोई भी वाहन भारतीय सड़कों पर नहीं चल सकता।

हालांकि बीमा कंपनियों ने इस बात से सहमति जताई है कि मोडिफाइड टू व्हीलर व्हीकल और कार को एंश्योर किया जा सकता है। इसके लिए आपको अपनी गाड़ी में बदलाव करवाने से पहले इंश्योरेंस कंपनी को भी इन्फॉर्म करना पड़ता है। जिससे गाड़ी मॉडिफाई करवाने के बाद आपको किसी भी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
अगर गाड़ी को मॉडिफाई करने के वक्त कोई बीमाधारक बीमा कंपनी को सूचित करने में विफल रहता है और किसी दुर्घटना का शिकार हो जाता है, तो कंपनी द्वारा दावा अस्वीकार किया जा सकता है।
अगर आप पॉलसी वर्ष के दौरान वाहन के ईंधन प्रकार में बदलाव करते हैं, तो भी कोई समस्या नहीं है। बीमा कंपनी नए यानी मॉडिफाई किए गए वाहन की स्थिति दर्शाने के लिए आपकी पॉलिसी को अपडेट कर सकती है।
ऐसा इसलिए जरूरी है क्योंकि गाड़ी का पावर सोर्स चेंज होने के साथ कई और फैक्टर्स में भी बदलाव आते हैं।
किसी भी कर के इंश्योरेंस प्रीमियम कई अलग-अलग फैक्टर पर डिपेंड करते हैं जिनमें उनका फ्यूल टाइप और इंजर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू भी लिखी होती है। जब किसी भी कार उसके ओरिजिनल प्रकार से मॉडिफाई किया जाता है या बदल जाता है, तो बीमा धारक द्वारा शुरू में माना गया इंश्योरेंस का प्रकार भी बदल जाता है।
मॉडिफिकेशन के बारे में कंपनी को बताने में विफल रहने रहने से इंश्योरेंस क्लेम करने की प्रक्रिया के दौरान समस्याएं पैदा हो सकती हैं। पिछले कुछ दिनों में बीमा कंपनियों को भी ऐसी कई स्थितियों का सामना करना पड़ा है।
इंश्योरेंस कंपनी के एक एक्सपर्ट के अनुसार, हालांकि हमारे पास वर्तमान में इलेक्ट्रिक वाहन में रूपांतरण का अनुरोध करने वाले व्यक्तियों के बहुत से मामले नहीं हैं, लेकिन ऐसे मामले सामने आए हैं जहां उन पॉलिसियों पर दावे दर्ज किए गए हैं जहां कार को सीएनजी में परिवर्तित किया गया था और एक बीमाक्ता के रूप में हमें सूचित नहीं किया गया था।
बीमा कंपनियाँ सीएनजी और इलेक्ट्रिक व्हीकल में मॉडिफाई किए गए वाहनों के लिए भी बीमा प्रदान करती हैं। हालाँकि, इसे उनके द्वारा इस्तेमाल की गई मोडिफिकेशन किट को संबंधित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) द्वारा अप्रूव किया जाना आवश्यक है।
एक्सपर्ट का कहना है कि यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि वाहन में परिवर्न करने के लिए केवल अधिकृत किट का ही उपयोग किया जाए। यदि वाहन में कोई अनधिकृत संशोधन किया जाता है तो बीमाकर्ता बीमा से इनकार कर सकता है।
More From GoodReturns

Gold Price: Gold से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव, निवेशकों के लिए बड़ा झटका अब देना होगा टैक्स!

Silver Price Today: 29 मार्च रविवार को चांदी सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Price Today: 29 मार्च को सोना सस्ता हुआ या महंगा? खरीदने से पहले जानें आज का ताजा भाव

Silver Price Today: 28 मार्च को चांदी की कीमतों में उछाल, जानिए प्रति किलो कितना महंगा हुआ चांदी का भाव

Gold Rate Today: 30 मार्च को सोने की कीमतों में आई बड़ी गिरावट! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Gold Rate Today: 1 अप्रैल को सोने की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?



Click it and Unblock the Notifications