PMS vs Mutual Funds: म्यूचुअल फंड के अलावा पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस यानी पीएमएस भी इन्वेस्टमेंट के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन है। अक्सर इन दोनों योजनाओं को लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट में जबरदस्त रिटर्न देने वाला माना जाता है। एक्सपर्ट बताते हैं कि छोटे आकार के कारण पीएमएस फंड अधिक सक्रिय हो गए हैं और इनका ट्रैक रिकार्ड भी काफी ज्यादा जबरदस्त है। पीएमएस वर्ल्ड के द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक अगर हम टॉप सीएमएसस्कीम की बात करें तो इनके द्वारा दिया गया रिटर्न टॉप म्यूचुअल फंड रिटर्न से भी काफी ज्यादा होता है।
म्युचुअल फंड और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस में कौन ज्यादा रिटर्न देगा, यह जानने से पहले हमें म्युचुअल फंड और पीएमएस के बारे में जान लेना चाहिए।

म्यूचुअल फंड
आमतौर पर म्युचुअल फंड में निवेश किसी एक पहले से निर्धारित लक्ष्य या फिर रणनीति के तहत किया जाता है। एस प्रोफेशनली मैनेज किया जाने वाला एक इन्वेस्टमेंट पूल होता है, जिसमें आपको अपने पोर्टफोलियो में जबरदस्त डायवर्सिफिकेशन मिलता है और इसकी कीमत भी काफी कम होती है।
हालांकि म्युचुअल फंड में किसी खास होल्डिंग पर आपका कंट्रोल काफी सीमित होता है। म्युचुअल फंड ज्यादातर लोगों के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन है और इसमें अमीर से कम राशी वाले इनवेस्टर्स तक सभी शामिल होते हैं।
पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस
वहीं पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सिस्टम उन लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है जो एक साथ बड़ी रकम इन्वेस्ट करना चाह रहे हैं। यह खास तौर पर हाई नेटवर्थ वाले इंडिविजुअल्स के लिए डिजाइन किया गया इन्वेस्टमेंट प्लान है। सीएमएस में आपको कम से कम 25 लाख रुपए से इन्वेस्टमेंट की शुरुआत करनी पड़ती है।
पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस की तरफ निवेशकों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस जबरदस्त तरीके से पर्सनल लाइफ की जा सकती है। इसमें आप अपना पोर्टफोलियो डिजाइन सेलेक्ट कर सकते हैं और अपनी जरूरत, रिस्क पोटेंशियल ज्यादा रिटर्न के हिसाब से सिलेक्ट कर सकते हैं, जिससे फ्लैक्सिबिलिटी काफी बढ़ जाती है।
हालांकि अगर टोटल फंड की बात करें तो पीएमएस फंड का कुलकोष 29 करोड रुपए है वही म्युचुअल फंड के इक्विटी एसेट अंडर मैनेजमेंट अंदर इक्विटी म्युचुअल फंड 53.4 करोड रुपए का है।
जानें क्या कहते हैं आंकड़े
आंकड़ों से पता चलता है कि अगर 10 साल के टाइम पीरियड के लिए किसी व्यक्ति ने देश की पांच टॉप पीएमएस में 1 अप्रैल साल 2014 को 2.5 करोड रुपए इन्वेस्ट किया होते तो, आज की तारीख में उसे व्यक्ति का टोटल अमाउंट 30.77 करोड़ रुपए हो जाता। यह म्युचुअल फंड के मुकाबले 8 करोड रुपए से ज्यादाका फायदा है।
इस सेगमेंट में बेस्ट पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस के द्वारा सालाना 128% तक का रिटर्न मिलता है। वहीं से कैटेगरी के टॉप म्युचुअल फंड 84.8 प्रतिशत तक का प्रतिवर्ष ब्याज देते हैं।
हालांकि पीएमएस से बेहतर रिटर्न तो मिलता है लेकिन या खास तौर पर उन्हीं लोग के लिए ज्यादा बेहतर विकल्प है जो एक बार में बड़ी राशि का निवेश कर सकते हैं। लेकिन म्युचुअल फंड में एप्स सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए मात्र 500 रुपए महीना तक की छोटी रकम से निवेश शुरू करके आप जबरदस्त मुनाफा कमा सकते हैं।
डिस्क्लेमर: म्युचुअल फंड और पीएमएस बाजार जोखिमों के अधीन होते हैं। इसलिए इनमें पैसे इन्वेस्ट करने से पहले सभी दस्तावेज ध्यान से पढ़े और किसी भी एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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