नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा की। ये योजना आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के देख-रेख में है। इस योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वालों को 10-10 हजार रु का लोन दिया जा रहा है। ये लोन उन्हें बेहद आसान शर्तों के साथ बिना गारंटी के मिलेगा। बीते शनिवार तक इस योजना के तहत 2.6 लाख आवेदन सरकार को मिले, जिसमें से 64000 से अधिक को मंजूर कर लिया गया है। इनमें से 5500 लोगों को लोन दिया जा चुका है। योजना के लिए एक वेब-पोर्टल और मोबाइल ऐप शुरू की गई है। पीएम मोदी ने योजना के संचालन पर संतुष्टि जाहिर की। वेब पोर्टल और ऐप से पारदर्शिता, जवाबदेही और गति सुनिश्चित होती है। आइए इस योजना की पूरी डिटेल जानते हैं।
रेहड़ी-पटरी वालों की मदद
केंद्र ने लगभग 50 लाख स्ट्रीट वेंडरों (रेहड़ी पटरी वालों) को अपने व्यवसायों को फिर से शुरू करने में मदद करने के लिए 10,000 रु तक के बिना गारंटी लोन देने के लिए इस योजना की शुरुआत की थी। जैसा कि बताया कि इस योजना के तहत लोन लेने के लिए किसी गारंटी की जरूरत नहीं। इस लोन की अवधि एक साल होती है। सबसे अच्छी बात ये है सरकार की तरफ से लोन की सही समय पर अदायगी के मामले में सालाना 7 फीसदी की सब्सिडी भी दी जाती है। वहीं डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ट्रांजेक्शन करने उन्हें 1200 रु सालाना का कैशबैक भी मिलता है।
मिल सकता है अधिक लोन
इस लोन के लिए मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के जरिए आवेदन किया जा सकता है। एक और अच्छी बात ये है कि पहले लोन को समय पर और जल्दी भुगतान करने स्थिति में आप अधिक लोन लेने के पात्र होंगे। इस स्कीम का ऐलान सरकार के 20 लाख करोड़ रु के आत्मनिर्भर राहत पैकेज के तहत किया गया था। सरकार ने इस योजना के लिए 5000 करोड़ रु आवंटित किए थे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस योजना में किसी तरह के जुर्माने का कोई प्रावधान नहीं है। जिन लोगों को ये लोन मिल सकता है उनमें सड़कों के किनारे ठेले या पटरी पर सामान बेचने वालों के अलावा फल-सब्जी, लॉन्ड्री, सैलून और पान की दुकान चलाने वाले लोग भी शामिल हैं।
कोरोना संकट में है सहारा
पीएम मोदी ने 20 लाख करोड़ रु के राहत पैकेज का ऐलान किया था। इस पैकेज का मकसद कोरोना संकट से देश के अलग-अलग कारोबारी सेक्टरों की आर्थिक मदद करना है। खास कर वे सेक्टर जो कोरोना से प्रभावित हुए हैं। इनमें रेहड़ी-पटरी वाले लोग भी शामिल हैं। लॉकडाउन के दौरान ऐसे लोगों का रोजगार पूरी तरह खत्म ही हो गया था और दोबारा शुरुआत करने के लिए पैसों की जरूरत को देखते हुए सरकार ने मदद का हाथ आगे बढ़ाया था। पीएम स्वानिधि योजना ऐसे समय में काफी मददगार साबित हो रही है।


Click it and Unblock the Notifications