G20 Summit 2023 : देश की राजधानी दिल्ली में चल रहे जी20 शिखर सम्मेलन के मौके पर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिडिल ईस्ट, साउथ एशिया और यूरोप के देशों को जोड़ने वाले एक शिपिंग और रेल परिवहन कॉरिडोर की घोषणा की।
पीएम मोदी ने जी20 लीडर्स के साथ पार्टनरशिप फॉर ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बेहतर और मजबूत कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा मानवता के विकास का आधार है। अपनी विकास यात्रा में भारत ने इसको प्राथमिकता दी है।

शिपिंग और रेल परिवहन कॉरिडोर का उद्देश्य भारत से मिडिल ईस्ट से यूरोप तक कॉमर्स, एनर्जी और डेटा के फ्लो में मदद करना है। यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष की तरफ से कहा गया है कि रेल लिंक से भारत और यूरोप के बीच बिजनेस करीब 40 फीसदी तेज हो जायेगा।
शिपिंग और रेल परिवहन का पता लगाने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए, जो मिडिल ईस्ट से यूरोप तक भारत में कॉमर्स, ऊर्जा और डेटा के प्रवाह को सक्षम करेगा।
अमेरिका के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन फाइनर की तरफ से कहा गया है कि सबसे पहले यह केवल रेलवे परियोजना नहीं है, यह शिपिंग और रेलवे परियोजना है और लोगों के लिए यह समझना बेहद ही जरूरी है कि यह कितना व्यापक, महत्वाकांक्षी और अभूतपूर्व होगा।
उन्होंने कहा कि हमारे पास मिडिल ईस्ट के लिए एक नजरिया है जिसे हम इस प्रशासन के पहले दिन ही लागू कर रहे हैं, जो कि तापमान को कम करने, कई सालों से कुछ मामलों में चल रहे संघर्षों को कम करने पर केंद्रित है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंडो-पैसिफिक नीति के वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी कर्ट कैंपबेल की तरफ से कहा गया है कि लीडर्स बुनियादी ढांचे और संचार से संबंधित एक बड़ी सफलता पर कार्य कर रहे हैं, जो भारत को मिडिल ईस्ट और यूरोप से जोड़ेगा।
इस योजना का उद्देश्य सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन और इजराइल से होते हुए भारत से यूरोप तक फैले रेलवे मार्गों और बंदरगाह लिंकेज को एकीकृत करना है। यूरोपीय आयोग के प्रतिनिधि के मुताबिक, इस एकीकरण से इन क्षेत्रों में माल की आवाजाही में तेजी आएगी।


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